सीबीएसई बोर्ड दसवीं कक्षा के परीक्षार्थियों की कापियां इस बार कलम से नहीं, बल्कि कंप्यूटर कीबोर्ड और माउस से जांची जाएंगी।
हाईटेक ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू
बोर्ड ने पहली बार पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दसवीं की बोर्ड परीक्षा में हाईटेक ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम लागू किया है।
कोशिश है कि मूल्यांकन त्रुटिमुक्त हो, ताकि रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों को स्क्रूटनी के लिए आवेदन न करना पड़े। प्रोजेक्ट के नतीजे अच्छे रहने पर इसे 12वीं और अन्य कक्षाओं की परीक्षाओं में भी लागू किया जा सकता है।
हालांकि, बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक प्रमोद श्रीवास्तव का कहना है कि यह गोपनीय प्रक्रिया है। इसके बारे में जानकारी नहीं दी जा सकती।
ऐसे होगी जांच
ओएसएम सिस्टम के तहत हर छात्र की पूरी कापी स्कैन कर परीक्षकों को भेजी गई है। परीक्षक कंप्यूटर पर एक-एक पेज खोलकर कापी चेक करेंगे।
खास बात यह है कि मार्किंग के लिए तय सिस्टम से हटकर अंक नहीं दिए जा सकेंगे। कापी की पूरी जांच नहीं हुई या गलत जांच की गई तो यह साफ्टवेयर पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने तक सबमिट नहीं हो सकेगी।
बेहतर अंकों की उम्मीद
हाईटेक सिस्टम से कापियों के कागजी मूल्यांकन में रह जाने वाली गलतियां यहां नगण्य होंगी। रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्रों के लिए अपनी कापियां देखना भी आसान होगा, क्योंकि बोर्ड पहले ही इन्हें फोटो फार्मेट में बदल चुका है।
सिस्टम में कापी का अगला पेज तब तक नहीं खुलेगा, जब तक किसी पेज पर लिखे गए हर जवाब को चेक न किया जाए। इससे छात्रों को बेहतर अंकों की उम्मीद है।