सीबीएसई 10वीं में ग्रेडिंग को दो रूपों में संचालित किया जा रहा है। इनमें होम पैटर्न परीक्षा स्कूल स्तर पर होती है, जबकि बोर्ड पैटर्न बोर्ड आयोजित करता है।
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लेकिन इस बार बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा देने जा रहे छात्रों की संख्या में खासी गिरावट दर्ज की गई है। सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं एक मार्च से शुरू हो रही हैं। 10वीं में छात्र होम या बोर्ड पैटर्न एक्जाम चुन सकते हैं।
होम एक्जाम देंगे आठ हजार छात्र
इस बार देहरादून जिले में करीब दो हजार छात्र ही ऐसे हैं, जिन्होंने बोर्ड पैटर्न चुना है। आठ हजार से ज्यादा छात्र होम एक्जाम देंगे।
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विशेषज्ञों की मानें तो बोर्ड पैटर्न में छात्रों के ऊपर बोर्ड की प्रक्रिया का दबाव बना रहता है जबकि होम पैटर्न में छात्र स्कूल में ही इवेल्यूएशन से सुकून में रहते हैं।
दोनों ही पैटर्न में ग्रेड अंक मिलना भी इसकी एक वजह माना जा रहा है। यदि छात्र को बोर्ड की पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद भी ग्रेड ही मिलता है तो निश्चित तौर पर होम पैटर्न की ओर उसका रुझान ज्यादा होगा।
यह है अंतर
बोर्ड पैटर्न के प्रश्न पत्र से लेकर रिजल्ट तैयार करने का पूरा काम पहले ही भांति बोर्ड ही कराता है जबकि होम पैटर्न में यह काम स्कूल के स्तर पर किया जाता है, जिसका रिजल्ट तैयार करने के बाद एप्रूवल के लिए बोर्ड को भेजा जाता है।
होम पैटर्न में बच्चे को अपने स्कूल और टीचर पर ज्यादा भरोसा होता है। लगातार बोर्ड पैटर्न घटने की वजह भी इसे ही कहा जा सकता है। होम या बोर्ड पैटर्न की मार्कशीट के अंतर से कोई फर्क नहीं पड़ता। दोनों पैटर्न बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।
- दिनेश बड़थ्वाल, उप प्राचार्य, दून इंटरनेशनल स्कूल
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