26/11 की चौथी बरसी की पूर्वसंध्या पर मुंबई में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इस बात की जानकारी रविवार को पुलिस ने दी। मुंबई हमले के बाद गिरफ्तार किए गए एकमात्र आतंकी मोहम्मद अजमल कसाब को 21 नवंबर को पुणे की यरवडा जेल में फांसी दी गई थी।
इसके बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रवक्ता एहसानुल्लाह एहसान ने कहा था कि कसाब को फांसी पर लटकाए जाने का बदला उनका संगठन भारत और अन्य जगहों पर हमलों के साथ लेगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह ने कहा कि चार बिंदुओं वाली तैयारी है। पहली यह है कि हमें इस बारे में सतर्क होना चाहिए कि क्या वाकई कोई खतरा है या नहीं और अगर कोई खतरा है तो हमें इसके स्रोत को जानना चाहिए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि अगर खतरा असली है तो उसकी जड़ों का पता लगाया जाना चाहिए और यह स्थापित करना भी जरूरी है कि कौन आतंकवादियों का समर्थन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशन स्तर पर विशेष तौर पर प्रशिक्षित प्रकोष्ठ बनाए गए हैं। सुरक्षा प्रबंधों की विस्तार से जानकारी देते हुए सिंह ने कहा कि शहर में 39 डिवीजन पदस्थापित हैं। पुलिस ने 400 स्कूलों और कॉलेजों का दौरा किया है ताकि छात्रों को आतंकवाद के बारे में जागरुक किया जा सके।
उन्होंने कहा कि हम नियमित तौर पर अभ्यास करते हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि तलाशी अभियान, नाकाबंदी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि एक महीने या दो महीने में मुंबई पुलिस शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।