अमृतसर। आखिर अमृतसर पूर्व विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक और मुख्य संसदीय सचिव डा. नवजोत कौर सिद्धू की धमकी का असर हो गया। उन्होंने अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री फूड व सिविल सप्लाई मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों के खिलाफ मोरचा खोलने की दी धमकी दी थी। कैरों बीपीएल कार्डों के संबंध में डा. नवजोत कौर को बातचीत के लिए समय नहीं दे रहे थे। इससे नाराज उन्होंने जब आंदोलन शुरू करने दी धमकी दी तो आदेश प्रताप सिंह कैरों ने डा सिद्धू के साथ वीरवार को बैठक करके उनके विधानसभा क्षेत्र में बने कथित तौर पर गलत बीपीएल कार्डों की जांच करने व दोबारा सर्वे कराने का भरोसा दिया।
डा. नवजोत कौर ने शुक्रवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि आदेश प्रताप सिंह कैरों ने बैठक के दौरान उन्हें आश्वासन दिया है कि वे उनके क्षेत्र में बीपीएल परिवारों की पहचान के लिए दोबारा सर्वे करवाएंगे। उन्हीं परिवारों को बीपीएल कार्ड की सुविधा मिलेगी जो वाकई इसके हकदार होंगे।
मालूम हो कि इस समय अमृतसर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि उन लोगों के भी बीपीएल कार्ड बने हैं जो इसके हकदार नहीं हैं और कई ऐसे लोग हैं जो बीपीएल कार्ड बनाने की श्रेणी में आते हैं, इस सुविधा से वंचित हैं। डा. नवजोत कौर ने मुद्दा उठाया था कि आर्थिक तौर पर संपन्न लोग बीपीएल के नीले कार्ड बनाकर गरीबों वाली सुविधाएं हासिल कर रहे हैं जबकि जो सही में आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिन्हें बीपीएल कार्ड सुविधा की सही रूप में जरूरत है उनके तो कार्ड ही नहीं बन रहे।
क्या था मामला
डा. सिद्धू ने ऐलान किया था वे उन जरूरतमंदों के साथ हैं जिन्हें सही रूप में बीपीएल कार्डों की दरकार है। लेकिन इस मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों बातचीत के लिए उन्हें वक्त ही नहीं दे रहे हैं। इससे तमाम लोग परेशान हैं। उन्होंने धमकी दी थी कि लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए वे कैबिनेट मंत्री के घर के बाहर भूख हड़ताल शुरू करने के बाद मरण व्रत भी शुरू कर देंगी। इसके पहले डा. कौर ने अपने संसदीय सचिव होने के अधिकारों को लेकर सेहत मंत्री के खिलाफ भी मोरचा खोला था।