बठिंडा। शहर की आईटीआई को मल्टी स्किल डेवलेपमेंट सेंटर में तबदील किया जाएगा। इसके तहत पंजाब सरकार की ओर से प्रोजेक्ट कर रही जर्मनी की कंपनी जीआईजेड-आईएस को आईटीआई की 10 एकड़ जमीन दी गई है। इसको लेकर बुधवार को ज्ञानी जैल सिंह कालेज में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें डिप्टी कमिश्नर केके यादव, एडिशनल डायरेक्टर तकनीकी शिक्षा मोहनवीर सिंह, डिप्टी डायरेक्टर हरपाल सिंह, जिला उद्योग कार्यालय के जीएम चमन लाल गर्ग, आईटीआई बस्सी पठाणां के प्रिंसिपल बलबीर सिंह, आईएमसी चेयरमैन पीएस रंधावा, चैंबर आफ कामर्स के चेयरमैन रमन वाट्स, पीएसपीसीएल के डिप्टी चीफ इंजीनियर इंद्रजीत गर्ग, डिप्टी सचिव एमपी जैन, उद्योगपति मोहनजीत सिंह पुरी, अरुण सहगल, प्रदीप अग्रवाल, एमआर मित्तल, भारत पेट्रोलियम के राजेश कुमार ने भाग लिया।
सेंटर की स्थापना के लिए अधिकारियों व उद्योगपतियों से विचार विमर्श करने के लिए कंपनी अधिकारी जैक्स एनटोनियस और कुलदीप माथुर विशेष तौर पर बठिंडा पहुंचे। आईटीआई की प्रिंसिपल रुपिंद्र कौर ने बताया कि उक्त सेंटर की स्थापना से युवाओं को भारी लाभ मिलेगा। बठिंडा के अलावा होशियारपुर, लुधियाना और अमृतसर में स्थापित किए जाने वाले मल्टी स्किल डेवलमेंट सेंटरों पर करीब 240 करोड़ की लागत आएगी। इन सेंटरों के माध्यम से प्रतिवर्ष लाख युवाओं को औद्योगिक शिक्षा में महारथ हासिल करवाई जाएगी। कंपनी अधिकारी जैक्स ने कहा कि उक्त सेंटर उद्योगों को हुनरमंद कर्मी मुहैया कराएंगे। बैठक के दौरान कुछ उद्योगपतियों की ओर से उक्त सेंटरों में उद्योगों से संबंधित कोर्स चलाने का सुझाव भी दिया गया।