बठिंडा । चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट दिलबाग सिंह जौहल ने डेरा सच्चा सौदा के मुखी संत गुरमीत राम रहीम की निजी पेशी संबंधी अर्जी को खारिज कर दी है। कोर्ट ने डेरा मुखी को 22 फरवरी को कोर्ट में उपस्थित होकर होकर जमानती बांड भरने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख सतगुरु राम रहीम के खिलाफ सीजेएम की कोर्ट में सिख संगत की भावनाएं भड़काने का मामला चल रहा है। आरोप है कि मई 2007 में डेरा मुखी ने गुरु गोबिंद सिंह जी नकल करके सिख संगत की भावनाओं को भड़काया था। राजिंदर सिद्धू ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया था। इसी तरह सिख नेता बाबा हरदीप सिंह गुरुसर महराज व जसवीर सिंह ने भी अदालत में शिकायत में दर्ज करवाई थी। जिसे राजिंदर सिद्धू वाले केस के साथ जोड़ लिया गया था।
इससे पहले बठिंडा अदालत द्वारा डेरा मुखी को पेश होने के समन भी 10 मई 2012 को भेजे थे। लेकिन डेरामुखी ने व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग की थी। लंबी बहस के बाद अदालत ने फैसला 8 फरवरी तक आरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को अदालत ने डेरा मुखी को 22 फरवरी को चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट की अदालज में निजी तौर पर पेश होकर जमानत लेने का फैसला सुनाया है।
डेरा मुखी के वकील केवल सिंह बराड़ ने कहा कि वह इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और विचार विमर्श करके पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे।
इस मौके पर शिकायकर्ता राजिंदर सिद्धू, बाबा हरदीप सिंह गुुरुसर महराज, जसवीर सिंह, वकील जतिंदर राय खट्टर, सुरिंरद सिंह नथाना, कुलवीर सिंह मौड़, मलकीत सिंह ढिलवा, जसवीर आदि उपस्थित थे।
इस मौके पर प्रशासन की ओर से किसी अप्रिय घटना की आशंका के चलते सुरक्षा प्रबंध किए हुए थे।