फरीदकोट। गांव कलेर के पास रविवार सुबह पेश आया भयानक सड़क हादसा चार परिवारों को गहरा दर्द दे गया। एक परिवार ने अपनी रोजी रोटी का सहारा खो दिया और एक परिवार दो बेटियों व एक नाती के बिछड़ने का गम झेल रहा है।
इस हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारियों समेत शहर की समाजसेवी संस्थाएं की कार्यकर्ता घटनास्थल व अस्पताल की तरफ दौड़ पड़े। हर हाथ घायलों की सहायता में जुटा दिखाई दिया। गुरू नानक कालोनी निशा ने अपनी बेटी समेत शहर की कुछ अन्य महिलाओं के साथ नूरमहल स्थित धार्मिक डेरे में जाने का मन बनाया था और उसके लिए बठिंडा से अपनी बहन डोली को भी बुला लिया। उसे क्या पता था कि वह अपनी बहन के साथ साथ उसकी व खुद की मौत को भी बुला रही है। इस हादसे में अपनी पत्नी निशा व बेटी हनी को खोने वाले नरेश कुमार का बुरा हाल था। हादसे में मारे गए जाइलो गाड़ी के ड्राइवर राजिंदर गोल्डी के परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। गोल्डी अपने परिवार की रोजी रोटी का एक मात्र सहारा था। अस्पताल में घायलों का हालचाल पूछने पहुंचे डिप्टी कमिश्नर रवि भगत ने बताया कि सभी घायलों का मुफ्त इलाज करवाया जा रहा है। उन्होंने मृतकों के परिवारों से हमदर्दी जताते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलवाने का भरोसा दिलाया।