मोहाली। शहर में काफी समय से खाली पड़े सैकड़ों प्लॉटों को गमाडा द्वारा जब्त किए जाने की तलवार एक बार फिर से लोगों के सिर लटक गई है। पंजाब हाउसिंग एंड अर्बन डिपार्टमेंट ने गमाडा को एक पत्र भेजा है। जिसमें साफ किया गया है कि प्लॉटों पर निर्माण के लिए लोगों को और एक्सटेंशन नहीं दिया जा सकता है। विभाग को लगता है कि जो लोग 15 साल तक घर नहीं बना सके, उन्हें घर की जरूरत नहीं है। ऐसे में खाली पड़े प्लॉटों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
सूत्रों के मुताबिक गमाडा को भेजे पत्र में पंजाब हाउसिंग एंड अर्बन डिपार्टमेंट ने लिखा है कि प्लॉटों और साइटों की नॉन कंस्ट्रक्शन की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव आया था। सरकार की तरफ से इस विषय पर काफी विचार किया। जिसमें तय किया गया कि अलॉटी को प्लॉट पर निर्माण कार्य करने के लिए 15 साल का समय काफी है। जो तय समय में प्लॉट में निर्माण कार्य नहीं करता है। ऐसे में उस व्यक्ति को मकान की जरूरत नहीं है। इसलिए सरकार की तरफ से इस प्र्रस्ताव को रद करने का फैसला लिया गया है।
इस फैसले से शहर में खाली पड़े 700-800 प्लॉटों पर जब्त होने की तलवार लटक गई हैं। इस फैसले की खबर फैलने के बाद पिछले दिनों से बड़ी संख्या में लोग गमाडा दफ्तर पहुंच रहे हैं। जोकि इसके बारे में जानना चाहते हैं। दूसरी तरफ गमाडा के सीए एके सिन्हा ने कहा कि उन्हें अभी तक पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद भी आगे की प्रक्रिया होगी। गौरतलब है कि गमाडा ने पहली बार 2006 में उन प्लॉटों को जब्त करने की योजना बनाई थी। जिन्होंने 15 साल की तय टाइम अवधि में प्लॉटों पर निर्माण नहीं किया था। जबकि इसके बाद एक-एक साल करके प्लॉट मालिकों को निर्माण कार्य करने की एक्सटेंशन दी जाती रही। अब विभाग ने इस अवधि को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
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प्रॉपर्टी कंसलटेंट एसोसिएशन ने किया विरोध
मोहाली प्रॉपर्टी कंसलटेंट एसोसिएशन के प्रधान एसएस वालिया, चेयरमैन शलिंदर आनंद, एसोसिएशन के फाउंडर प्रधान एनके मरवाहा, मुख्य कानूनी सलाहकार व प्रवक्ता जेपी सिंह पूर्व प्रधान डीएस बेनीपाल ने कहा कि सकार का यह फैसला लोगों के हक में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह फैसला वापस लेकर कम से कम 2 साल तक लोगों को मकान बनाने की मंजूरी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वह पहले भी पूर्व केंद्रीय मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया से मिले थे, लेकिन इसके बाद पंजाब हाउसिंग एंड अर्बन डिपार्टमेंट ने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अब दोबारा इस मामले में वह रामूवालिया से मिलेंगे। ताकि लोगों को इस मामले में राहत मिल सके।