मोहाली। आखिर कई सालों के बाद मोहाली को अपना ज्यूडीशियल कांप्लेक्स मिल जाएगा। सरकार से इसके लिए हरी झंडी मिल गई है। वहीं कांप्लेक्स के लिए फंड भी जारी कर दिए गए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो बीस मार्च को कांप्लेक्स का नींव पत्थर रखा जाएगा। डिप्टी कमिश्नर वरुण रूजम ने इसकी पुष्टि करते हुए उम्मीद जताई कि पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ज्यूडीशियल कांप्लेक्स का नींव पत्थर रखेंगे। शहर के लोग और वकील लंबे समय से ज्यूडीशियल कांप्लेक्स की मांग कर रहे थे।
मोहाली को 2006 में जिला बनाया गया था, जिसके बाद जिला अदालतों को खरड़ से मोहाली में शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन यहां कोई ज्यूडीशियल कांप्लेक्स न होने के कारण अस्थायी तौर पर अदालतों को फेज 3बी1 के कम्यूनिटी सेंटर में शिफ्ट किया गया था। अब तक कोर्ट कांप्लेक्स वहीं पर चल रहा है। नवंबर-11 में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने जब सेक्टर 76 में जिला एडमिनिस्ट्रेटिव कांप्लेक्स का नींव पत्थर रखा था तो इसके साथ ही ज्यूडीशियल कांप्लेक्स बनाने का ऐलान किया था। सात एकड़ में बनने वाले ज्यूडीशियल कांप्लेक्स पर 51 करोड़ रुपये की लागत आनी थी। सीएम ने यह भी ऐलान किया था कि कांप्लेक्स में वकीलों के चेंबर भी होंगे और इसका निर्माण दिसंबर-12 में शुरू हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उधर, मौजूदा कोर्ट कांप्लेक्स में इस समय यहां आठ अदालतें चल रही हैं। यहां पर करीब साढ़े छह सौ वकील प्रैक्टिस करते हैं। यहां न तो टेली कांफ्रेंसिंग की सुविधा है, न लाइब्रेरी है। अच्छी कैंटीन और अन्य सुविधाएं भी नहीं हैं।
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कम्यूनिटी सेंटर में चल रहा कोर्ट कांप्लेक्स
कोर्ट कांप्लेक्स को आनन-फानन में खरड़ से शिफ्ट करने के बाद फेज 3बी1 के कम्यूनिटी सेंटर में शुरू किया गया था। इससे जहां इलाके के लोगों को अपने आयोजन करने में समस्या आती है, वहीं कोर्ट कांप्लेक्स में सुविधाएं नहीं होने से सभी को दिक्कत आती है। यहां पर सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है। कोर्ट के आसपास वाहन खड़े करने के लिए कोई निर्धारित जगह नहीं है। पिछले साल हुईं आपराधिक वारदात के बाद कोर्ट कांप्लेक्स के बाहर वाहन खड़े करने पर पाबंदी लगा दी गई थी, जिससे समस्या और बढ़ गई। यहां पर हर समय ट्रैफिक जाम भी लगा रहता है।