पटियाला। पंजाब के अतिरिक्त डायरेक्टर जनरल पुलिस (जेल) राजपाल मीणा ने कहा कि जेलों में नशे की सप्लाई और मोबाइल फोनों का इस्तेमाल रोकने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत नाभा और संगरूर जेल में जैमर लगाए जा चुके हैं, जबकि बाकी जेलों में जल्द जैमर लगा दिए जाएंगे। वहीं जेलों में नशों की सप्लाई रोकने के लिए एडीजीपी दिनकर गुप्ता की अगुवाई में उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया जा चुका है। इसकी सिफारिशों से इस मामले में बड़े स्तर पर सुधार होने की उम्मीद है। वह शुक्रवार को पंजाब जेल सिखलाई स्कूल में जेलों के 16 सहायक सुपरिंटेंडेंटों और 34 वार्डरों व हेड वार्डरों की पासिंग आउट परेड के मौके मुख्य मेहमान के तौर भाग लेने के मौके पत्रकारों से बात कर रहे थे।
अमृतसर जेल से कैदियों के फरार होने संबंधी उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच आईजी जेल कर रहे हैं। जेलों में स्टाफ की कमी संबंधी उन्होंने कहा कि कुछ पदों पर नई भरती की जा रही है, जिसके लिए 15 जनवरी के बाद इंटरव्यू शुरू की जाएगी और बाकी भरती के लिए सरकार को लिखा गया है। नई भरती होने तक पंजाब पुलिस और होम गार्ड्स के 500 जवानों की सेवाएं ली जा रही हैं। जेलों की इमारतों संबंधी मीणा ने कहा कि बठिंडा की पुरानी जेल की जगह 40 एकड़ में नई आधुुनिक जेल का निर्माण और मुक्तसर में भी नई जेल का निर्माण समेत पुरानी इमारतों की मरम्मत कराई जा रही है।
मीणा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह जवान जेलों में जाकर वहां की सुरक्षा के साथ-साथ कैदियों के पुनर्वास और उनको अच्छा नागरिक बनाने और जेल विभाग की छवि को और सुधारने में अहम योगदान डालेंगे। उन्होंने कहा कि जेलों में मोबाइल फोन, नशों की सप्लाई और अच्छे जेल प्रबंध को चलाना बड़ी चुनौती है, जिसको पूरा करने में यह सिखलाई इन जवानों के लिए काफी सहायक साबित होगी। बाद में सिखलाई दौरान विभिन्न विषयों में शानदार प्रदर्शन करने वाले सात जवानों को सम्मानित किया गया। इनमें केंद्रीय जेल लुधियाना के सहायक सुुपरिंटेंडेंट इंद्रजीत सिंह (परेड कमांडर व पीटी में पहल स्थान), केंद्रीय जेल गुरदासपुर के सहायक सुपरिंटेंडेंट अमनदीप सिंह (पलटून कमांडर व शूटिंग में पहला स्थान), कपूरथला जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट राधा कृष्ण (ड्रिल में पहला स्थान), अमृतसर जेल के सहायक सुुपरिंटेंडेंट राजा नवदीप सिंह (अकादमिक क्षेत्र में पहला स्थान), गुरदासपुर जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट अमृतपाल सिंह (दूसरे पलाटून कमांडर), वार्डर श्रीराम (शूटिंग एवं मिलटरी ट्रेनिंग में पहला स्थान) और गुरदासपुर जेल के वार्डर संदीप सिंह शामिल थे। इस मौके पर जेल विभाग के डीआईजी लखमिंदर सिंह जाखड़, जेल सिखलाई स्कूल के प्रिंसिपल प्रेम सागर शर्मा भी मौजूद रहे।