पटियाला। इंडियन आयल कारपोरेशन ने फिलहाल पीआरटीसी को रिटेल के उपभोक्ताओं की तर्ज पर कम रेट पर डीजल देने से इंकार कर दिया है। इसके चलते कारपोरेशन के सभी जनरल मैनेजरों ने अपने-अपने डिपो के तीन किलोमीटर के दायरे में पड़ते पेट्रोल पंपों से डीजल लेना शुरू कर दिया है। पीआरटीसी के एमडी डीपीएस खरबंदा ने इसकी पुष्टि की है।
हाल ही में तेल कंपनियों की ओर से रिटेल के उपभोक्ताओं के लिए जहां 45 पैसे प्रति लीटर डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं, वहीं सरकारी व अर्द्ध सरकारी विभाग, जो डीजल के बड़े खपतकार हैं, उनके लिए डीजल के दाम 11 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं। इसके चलते पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे पीआरटीसी के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। डीजल के बढ़े दाम से कारपोरेशन पर सालाना 35 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसलिए पीआरटीसी ने इंडियन आयल कारपोरेशन से रिटेल के उपभोक्ताओं की तर्ज पर 45 पैसे प्रति लीटर बढ़े दाम के हिसाब से डीजल देने की मांग की थी, जिसे आईओसी ने ठुकरा दिया है। इसके चलते पीआरटीसी के सभी जीएम ने एमडी की हिदायतों के मुताबिक अपने-अपने डिपो के तीन किलोमीटर के दायरे में पड़ते पेट्रोल पंपों से डीजल लेना शुरू कर दिया है। यह डीजल पीआरटीसी को रिटेल रेट पर ही पड़ेगा।
एमडी डीपीएस खरबंदा ने कहा कि उन्हीं पेट्रोल पंपों से डीजल लिया जा रहा है, जो कम दाम पर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीआरटीसी के बेड़े में इस समय करीब डेढ़ हजार बस हैं। इन सभी बसों को चलाया जा रहा है, जिससे सवारियों को कोई दिक्कत न हो।