पटियाला। मांगों के समर्थन में सरकार और पावरकॉम मैनेजमेंट के अडियल रवैये से गुस्साए पंजाब भर के बिजली मुलाजिमों ने बुधवार को कामकाज छोड़कर हड़ताल की। गुस्साए मुलाजिमों ने पावरकॉम के माल रोड स्थित हेडऑफिस समेत विभिन्न सर्कल, डिवीजन और सब डिवीजन दफ्तरों के बाहर रैलियां व प्रदर्शन किए गए। इस मौके पर बिजली मुलाजिमों की पहली सेवा शर्तों की रक्षा करने, ठेकेदारी सिस्टम बंद करने, बिजली निगमों में रेगुलर नई भरती करने आदि मांगें उठाई गईं, जिनके पूरा न होने पर संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी गई।
पीएसईबी इंप्लाइज ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर बिजली मुलाजिमों की प्रमुख जत्थेबंदियों इंप्लाइज फेडरेशन, टीएसयू, मिनिस्ट्रियल सर्विस यूनियन, बिजली मुलाजिम फ्रंट, वर्कर्स फेडरेशन (इंटक), पंजाब राज्य बिजली मजदूर संघ आदि के बैनर तले पंजाब भर में बुधवार को बड़ी संख्या में बिजली मुलाजिमों ने कामकाज छोड़कर हड़ताल की।
इस मौके पर पावरकॉम हेडऑफिस के सामने जोरदार रैली करके चेयरमैन इंजीनियर केडी चौधरी का पुतला फूंका। वहीं पंजाब भर में विभिन्न सर्कल, डिवीजन और सब डिवीजन दफ्तरों के बाहर भी रैलियां कर धरने दिए गए।
टेक्निकल सर्विसेज यूनियन के प्रदेश प्रधान सुखवंत सिंह, महासचिव प्रमोद कुमार के मुताबिक रोपड़ सर्कल में 89 फीसदी, मोहाली में 79 फीसदी, पटियाला सर्कल में 80 फीसदी, बरनाला सर्कल में 85 फीसदी, संगरूर सर्कल में 88 फीसदी, बठिंडा सर्कल में 74 फीसदी, मुक्तसर सर्कल में 82 फीसदी, फरीदकोट सर्कल में 81, फिरोजपुर सर्कल में 86 फीसदी, नवांशहर में 80 फीसदी, अमृतसर देहाती सर्कल में 83, गुरदासपुर सर्कल में 71 फीसदी, अमृतसर शहरी सर्कल में 64, तरनतारन सर्कल में 88 फीसदी, लुधियाना सब अर्बन में 90 फीसदी, खन्ना सर्कल में 85 फीसदी, कपूरथला सर्कल में 75, जालंधर में 46 फीसदी हड़ताल रही। थर्मलों और हाइडल प्रोजेक्टों में भी हड़ताल का काफी असर देखने को मिला।
इस दौरान बिजली मुलाजिम नेताओं कर्मचंद भारद्वाज, हरभजन सिंह, सुरिंदर सिंह पहलवान आदि ने कहा कि पावरकॉम मैनेजमेंट की ओर से बिजली कर्मचारियों की सेवा शर्तों में तबदीली की जा रही है। पंजाब सरकार के मुलाजिमों की तर्ज पर ग्रेड पे में बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। इस मौके पर चेतावनी दी गई कि अगर मांगें पूरी न होने पर मई महीने में हेडआफिस सामने प्रदेश स्तर का धरना दिया जाएगा।
अधिकतर कैश काउंटर, शिकायत केंद्र बंद रहे
पटियाला। बिजली मुलाजिमों की हड़ताल के चलते बुधवार को अधिकतर कैश काउंटर और शिकायत केंद्र बंद रहे। कैश काउंटर बंद होने के चलते लोगों को अपने बिजली के बिल जमा कराने में दिक्कत हुई। वहीं शिकायत केंद्र बंद होने से लोगों की बिजली सप्लाई संबंधी शिकायतों का निपटारा नहीं हो पाया। जिसके चलते उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।