पटियाला। पंजाब के आबकारी एवं कराधान विभाग नेस्क्रैप की करीब 23 करोड़ रुपये की अंतरराज्यीय बिक्री के फर्जी इंदराज दिखाकर सरकारी खजाने को चूना लगाने वाली लुधियाना की एक फर्म के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कराया है।
पंजाब के आबकारी एवं कर कमिश्नर अनुराग वर्मा ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि लुधियाना की मैसर्ज कृष्णा इस्पात उद्योग की ओर से एमएस स्क्रैप पंजाब के अंदर-अंदर ही बेचा जा रहा है। लेकिन 6.05 फीसदी वैट से बचने के लिए दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में स्थित फर्मों को इस स्क्रैप की फर्जी बिक्री दिखाकर खजाने को चूना लगाया जा रहा है। फर्म ने सूचना कलेक्शन सेंटर घन्नौली, बलौंगी, मूनक और जीरकपुर में अपने माल के फर्जी इंदराज दिखाए थे। गुप्त सूचना के आधार पर चंडीगढ़ के मोबाइल विंग के सहायक आबकारी एवं कराधान कमिश्नर की ओर से इस मामले की पड़ताल की गई।
बहुउद्देश्यीय बैरियर कालाअंब के इंदराज और आबकारी एवं कराधान अधिकारी की ओर से 28 मई 2013 के पत्र के जरिये सूचित किया गया कि जिन फर्मों को कृष्णा इस्पात उद्योग की ओर से अपना स्क्रैप भेजा दिखाया गया है, वह फर्में फर्जी हैं। यह फर्में मैसर्ज एचएम स्टील कारपोरेशन कालाअंब और मैसर्ज हरी ओम स्टील कालाअंब दिखाई गई हैं। ये हिमाचल के आबकारी विभाग के पास दर्ज भी नहीं हैं।
कमिश्नर ने बताया कि मैसर्ज कृष्णा इस्पात उद्योग ने नालागढ़ स्थित मैसर्ज टिमको स्टील कंपनी को भी अपना माल भेजा दिखाया था, लेकिन इस फर्म के मैनेजिंग पार्टनर अवतार सिंह ने हलफिया बयान देकर उक्त उद्योग से किसी भी तरह के लेन-देन से इनकार किया है। इसी तरह से नालागढ़ की एक और फर्म को माल भेजा दिखाया है, वह भी गलत है। फर्म पर छापामारी करने पर पता लगा कि विभाग को दिए पते मुताबिक इस फर्म का कोई अस्तित्व ही नहीं है। पड़ताल में यह भी पता लगा कि विभाग के कुछ इंस्पेक्टरों ने इस फर्म के साथ मिलीभगत करके सूचना कलेक्शन सेंटरों के जरिये माल का दाखिला दिखाने में फर्जी इंदराज किए हैं।
मामले में एक इंस्पेक्टर निलंबित
कमिश्नर ने बताया कि आईसीसी घन्नौली में इंस्पेक्टर प्रेम सिंह ने 165 दाखिलों के इंदराद दर्ज किए थे, जिस पर इस इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया। इसी तरह से बलौंगी के सूचना कलेक्शन सेंटर में 106 फर्जी इंदराज करने वाले इंस्पेक्टर राजिंदर कुमार का तबादला फाजिल्का कर दिया है।