बांसवाड़ा में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों का सब्र सोमवार को जवाब दे गया। पंचायत समिति सरेड़ी बड़ी की ग्राम पंचायत भीमसौर में पिछले करीब दो महीनों से जलापूर्ति बाधित होने से नाराज ग्रामीणों ने चापेश्वर महादेव मंदिर परिसर में प्रदर्शन कर जलदाय विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने विरोध के लिए अपनाया अनोखा तरीका
ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जताने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने खाट पर खाली बर्तन रखकर सांकेतिक शव यात्रा निकाली और इसे चाप नदी किनारे से श्मशान घाट तक ले गए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
पीने के पानी के लिए करना पड़ रहा संघर्ष
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2022-23 में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से हर घर तक नल से पानी पहुंचाने की योजना शुरू की गई थी, लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि लोगों को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
दो कुएं बने, लेकिन नहीं मिल रहा पानी
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि योजना के तहत चाप नदी किनारे 46 फीट और 62 फीट गहरे दो कुएं बनाए गए थे। बावजूद इसके दोनों कुओं में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को निजी वाहनों और टेंपो के जरिए नदी से पानी लाकर दैनिक जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं।
करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी नहीं मिल रहा लाभ
समाजसेवी भरत दायमा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि नदी के पास अतिरिक्त बोरवेल कराकर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है, लेकिन बार-बार मांग के बावजूद प्रशासन ने इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
दो दिन में समाधान नहीं तो उग्र आंदोलन
गढ़ी उपप्रधान दशरथ सिंह वाघेला ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पेयजल संकट का समाधान होने तक वे ग्रामीणों के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ये भी पढ़ें-
देवस्थान के मंदिरों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, फाइलों में अटके फंड
विभाग ने दिया जल्द समाधान का भरोसा
जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता जे.के. चारण ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। कुओं में बोरवेल पाइप की लंबाई बढ़ाकर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना बनाई जा रही है। विभाग का प्रयास है कि एक-दो दिन के भीतर समस्या का समाधान कर ग्रामीणों को राहत दी जाए।