भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झुंझुनू जिले की ग्राम पंचायत बेरला, पंचायत समिति सूरजगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार को 8.50 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
एसीबी महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि झुंझुनू एसीबी चौकी को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में परिवादी ने बताया कि वह गांव बेरला में अपने आवासीय भूखंड पर मेडिकल दुकान संचालित करता है। परिवादी ने उक्त भूखंड को व्यवसायिक श्रेणी में परिवर्तित करवाने और एनओसी जारी कराने के लिए ग्राम पंचायत बेरला में आवेदन किया था।
आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार ने भूखंड को व्यवसायिक में बदलने और एनओसी जारी करने की एवज में 8.50 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। 19 मई 2026 को पहली बार रिश्वत मांग की पुष्टि हुई, जबकि 21 मई को पुनः सत्यापन में आरोपी ने रिश्वत राशि स्वयं को देने के लिए कहा।
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इसके बाद एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरवीजन में ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। झुंझुनू एसीबी इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार पूनियां के नेतृत्व में टीम ने रविवार को कार्रवाई करते हुए परिवादी को आरोपी के पास भेजा।
आरोपी राजकुमार ने परिवादी को सूरजगढ़ स्थित दीपक मेडिकोज पर बुलाया। वहां जैसे ही आरोपी ने परिवादी से 8.50 लाख रुपये रिश्वत राशि ली, एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। एसीबी ने रिश्वत की पूरी राशि आरोपी के कब्जे से बरामद कर ली।
फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है। कार्रवाई एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरवीजन में की जा रही है। इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।