राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर कई दिनों से जोर-शोर से चल रहा प्रचार शुक्रवार शाम पांच बजे थम गया। चुनाव आचार संहिता के तहत एक दिसंबर को मतदान दिवस तक चुनावी सभाएं, रैलियों, बैठकों और रोड शो जैसी गतिविधियों पर रोक रहेगी।
इस दौरान एसएमएस अथवा मोबाइल फोन के जरिए भी चुनाव प्रचार करना दंडनीय होगा। प्रचार थमने के साथ ही कार्यकर्ताओं ने जनसंपर्क में अपनी जान झोंक दी है और मतदाताओं के जोड़तोड़ की रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को प्रदेश भर में करीब आधा-आधा दर्जन रैलियां की और शाम को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए रवाना हो गए।
राज्य में 199 विधानसभा सीटों के लिए मतदान एक दिसंबर को सुबह आठ से शाम पांच बजे तक होगा। चुरू विधानसभा सीट के लिए मतदान 13 दिसंबर को होगा।
चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद कोई भी राजनीतिक व्यक्ति जिस विधानसभा क्षेत्र का मतदाता नहीं है, वहां नहीं रुक सकेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक जैन ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।