शिमला। पहली अप्रैल से सरकारी स्कूलों के छात्रों को एचआरटीसी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी। स्कूलों में छात्रों के पास बनाए जाएंगे, जिन पर छात्र बसों में मुफ्त सफर करेंगे। सुविधा लेने के लिए छात्रों का वर्दी में रहना अनिवार्य होगा।
प्रदेश सरकार की घोषणा को अमलीजामा पहनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) अजय मित्तल ने एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक ओंकार शर्मा को योजना की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुफ्त सफर के लिए स्कूलों में छात्रों के पास बनाए जाएंगे, जिनकी वेरिफिकेशन संबंधित स्कूल के प्रिंसिपल को करनी होगी। पास में छात्र के घर से स्कूल का रूट अंकित किया जाएगा। तय रूट पर ही छात्र को मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी। मुफ्त सफर की सुविधा के लिए छात्र का वर्दी में होना भी अनिवार्य होेगा। छुट्टी वाले दिन छात्रों को सुविधा नहीं मिलेगी। छात्रों के बसों में मुफ्त सफर के लिए समय तय करने पर भी विचार चल रहा है। संभवत: सुबह आठ से दस व शाम दो से पांच बजे के बीच छात्रों को मुफ्त सफर की सुविधा दी जा सकती है।
योजना का मकसद
छात्रों को स्कूल पहुंचने में होने वाली परेशानी व गरीब तबके के छात्रों को बस किराए के बोझ से राहत दिलाने के लिए योजना बनाई गई है। स्कूलों से बच्चों की सुरक्षित आवाजाही भी योजना का मकसद है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने की थी घोषणा
सरकारी स्कूलों के छात्रों को एचआरटीसी बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा की घोषणा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पूर्ण राज्यत्व दिवस के मौके पर की थी।
स्कूलों में बनेंगे छात्रों के पास : मित्तल
अप्रैल से छात्रों को एचआरटीसी बसों में स्कूल आने जाने की सुविधा मुफ्त उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए स्कूलों में छात्रों के विशेष पास बनेंगे। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक ओंकार शर्मा को योजना लागू करने का जिम्मा सौंपा गया है।
- अजय मित्तल
अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन)
शिक्षा विभाग से चल रही बातचीत : ओंकार
छात्रों को मुफ्त परिवहन सुविधा देने की योजना लागू करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। स्कूल जाने वाले छात्र सरकार द्वारा दी जा रही सुविधा से पूरी तरह लाभान्वित हो, इसके लिए योजना पर काम चल रहा है।
- ओंकार शर्मा
प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी