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नए प्रोजेक्टों से लेकर तबादलों पर रोक

Shimla Updated Thu, 06 Mar 2014 05:32 AM IST
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शिमला। देश में केंद्रीय चुनाव आयोग ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए कार्यक्रम घोषित कर दिया है। चुनावों की घोषणा के साथ ही पूरे देश में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। इसके लागू होने से प्रदेश में नए प्रोजेक्टों की घोषणाओं, आधारशिला रखने से लेकर शिलान्यास पर तो ब्रेक लगेगी ही, इसके साथ ही सूबे के दो लाख से ज्यादा कर्मचारियों के तबादलों और प्रमोशन पर भी ब्रेक लग जाएगी। चुनाव आचार संहिता के नियमों के मुताबिक, मुख्यमंत्री, मंत्री से लेकर किसी भी रूप में कोई भी वित्तीय मंजूरी या घोषणा नहीं कर सकेंगे। किसी प्रकार की परियोजनाओं या स्कीमों के लिए आधारशिलाएं नहीं रखी जा सकेगी।
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सड़कों के निर्माण, पीने के पानी की सुविधाएं देने की घोषणाएं नहीं हो सकेगी। सार्वजनिक उपक्रमों सहित कोई भी तदर्थ नियुक्ति न की जाए। देश में चुनावों की घोषणा होते ही प्रदेश में कर्मचारियों की मांगें लटक गई है। अनुबंध कर्मचारियों को पांच साल में रेगुलर होने की घोषणा का इंतजार था, लेकिन अब मई के अंत तक इनका इंतजार बढ़ गया है। आईपी शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया तीन साल बाद शुरू हुई थी, लेकिन यह भी रुक गई है। कर्मचारियों की पदोन्नति से लेकर तबादलों के मामलों पर ब्रेक लग जाएगी। बिजली बोर्ड में इसी वित्तीय वर्ष में 313 पदों को भरने की योजना थी, लेकिन अब इस पर ब्रेक लगेगी। परिवहन निगम में कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो सकता है। हिमाचल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान ने बताया कि चुनावों की घोषणा के साथ ही चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।
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चल रहे प्रोजेक्टों को बढ़ाने को भी लेनी होगी मंजूरी
चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद वर्तमान में चल रहे विकासात्मक प्रोजेक्टों को आगे बढ़ाने के लिए भी सरकार या संबंधित विभाग को चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी। विभागीय अधिकारियों की ओर से ऐसे प्रोजेक्टों के लिए मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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