एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

हिमाचल में तैयार आलू यूपी में मचाएगा धमाल

Shimla Updated Tue, 22 Apr 2014 05:33 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

शिमला। उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के आलू किसानों के लिए अच्छी खबर है। शिमला स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) ने पैदावार बढ़ाने के लिए ‘कुफरी ललित’ नाम की आलू की नई किस्म विकसित की है। इससे प्रति हेक्टेयर न्यूनतम 250 क्विंटल से लेकर अधिकतम 300 क्विंटल तक की पैदावार होगी। अगले एक साल बाद उत्तर प्रदेश को ‘कुफरी ललित’ का बीज दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

दरअसल 1970 के दशक में सीपीआरआई की ओर से आलू की कुफरी लालिमा नामक किस्म विकसित की गई थी इस किस्म ने पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में खूब धमाल मचाया। इसकी पैदावार भी प्रति हेक्टेयर 250 क्विंटल से अधिक थी। लेकिन एक दशक पहले इस आलू में झुलसा बीमारी लग चुकी है। इससे आलू की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई है, और पैदावार पहले के मुकाबले काफी कम हो गई। लेकिन दूसरा कोई किस्म विकसित न होने के कारण किसान आज भी उसी परंपरागत बीज का इस्तेमाल कर रहे हैं। फलस्वरूप आलू की खेती में मुनाफा कम हो हो गया है।
बाक्स------
झुलसा रोग नहीं लगेगा नई किस्म में
आलू की कम होती पैदावार को ध्यान में रखकर सीपीआरआई ने चार साल पहले आलू की नई प्रजाति ‘कुफरी ललित’ पर काम करना शुरू किया । दो साल पहले इसमें सफलता भी मिल चुकी है। अब इस प्रजाति को विकसित किया जा रहा है। इसका रंग लाल है और इसमें झुलसा रोग नहीं लगेगा। इसकी प्रतिरोधक क्षमता भी काफी अधिक है। अगले एक साल बाद इसे सबसे पहले उत्तर प्रदेश भेजा जाएगा। इसके बाद आम किसान इस प्रजाति को अपने खेतों में लगा सकते हैं।
विज्ञापन

कोट्स------
लंबे अनुसंधान के बाद ‘कुफरी ललित’ आलू की नई किस्म विकसित की गई है। यह उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के किसानों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है, क्योंकि इन राज्यों में अधिक मांग है। - डा.एनके पांडे, प्रवक्ता, सीपीआरआई
-
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें