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इवनिंग कॉलेज में ताक पर रखे नियम

Shimla Updated Sat, 19 Jul 2014 05:30 AM IST
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शिमला। प्रदेश विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर इवनिंग स्टडीज में रिक्त पदों के स्थान गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. शेखर शर्मा ने पत्र लिखकर मुख्य न्यायाधीश के ध्यान में भी मामला लाया है। पूर्व प्राचार्य का आरोप है कि इवनिंग कॉलेज में यूजीसी मानकों को दरकिनार कर गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति की जा रही है। उनका आरोप है कि कॉलेज में पिछले सत्र में गेस्ट फैकल्टी लगाए गए शिक्षकों को ही बिना साक्षात्कार के लेक्चर आधार पर इस सत्र में भी पढ़ाने की अनुमति दे दी गई है। जबकि, हर सत्र में नए सिरे से फैकल्टी नियुक्त करने की प्रक्रिया फॉलो होनी चाहिए।
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कॉलेज में वर्तमान में 15 शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे है। प्रो. शेखर का आरोप है कि इन पदों की जगह एक पद पर दो और दो से अधिक शिक्षक रखे गए हैं, जो यूजीसी नियमों की सीधे तौर पर अनदेखी है। पूर्व प्राचार्य ने 14 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश को इस संदर्भ में पत्र लिखकर अवगत करवाया है कि इवनिंग कॉलेज में यूजीसी नियमों और तीन मार्च को हाईकोर्ट से जारी किए गए आदेशों की अवहेलना की जा रही है।
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एचपीयू सेंटर फॉर इवनिंग स्टडीज प्रो. मंजू बाली का कहना है कि कॉलेज में रूसा के कारण बढ़े शिक्षण कार्य और यहां चल रहे रिक्त पदों के लिए शिक्षक उपलब्ध न होने के कारण एक पद पर एक से अधिक गेस्ट फैकल्टी रखकर काम चलाना पड़ रहा है। यूजीसी नियमों के तहत नियुक्तियां करने का मामला ध्यान में लाया गया है। जल्द नए सिरे से साक्षात्कार करवाए जाने हैं।
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