शिमला। हिमाचल में जिला परिषद के सीधे बजट वितरण की कटौती पर बवाल हो गया है। भाजपा ने इसे कांग्रेस की सियासी शरारत करार दिया है। भाजपा की पंचायत प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य एवं प्रदेश पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रभारी एचएन कश्यप ने इसका विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ भाजपा के प्रदेश पंचायती राज प्रकोष्ठ ने 14 सितंबर को बिलासपुर में एक बैठक बुलाई है। इसी में आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
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कश्यप ने कहा कि 13वें वित्त आयोग की आड़ में जारी की गई अधिसूचना में 25 विषयों में जिला परिषद के सदस्य अपनी मर्जी से पैसा देते थे। इसमें कटौती कर अब केवल 12 विषय रखे गए हैं। जो राशि जिला परिषद को सीधे तौर से 50 प्रतिशत मिलती थी, उसे 30 प्रतिशत किया गया। जो बीडीसी को 30 प्रतिशत मिलती थी, उसे काटकर 10 फीसदी रखा गया है। इस तरह से संविधान में निहित शक्तियों को भी छीना गया है जबकि संविधान कहता है कि चरणबद्ध तरीके से और शक्तियां देनी हैं।