शिमला। शुक्रवार को घोषित किए गए रूसा प्रथम सत्र के परिणाम से संबंधित शिकायतों का निपटारा कॉलेज स्तर पर शिकायत निवारण समितियां करेंगी। छात्र पहले की तरह से सीधे विश्वविद्यालय में शिकायत लेकर नहीं आ सकें गे। कॉलेज प्राचार्य की अध्यक्षता में बनने वाली इस कमेटी को ही हर छात्र को लिखित में परिणाम से संबंधित शिकायत प्रेषित करनी होगी। इक्डोल और प्राइवेट अपीयर हुए छात्रों के मामलों के निपटारे की जिम्मेदारी इक्डोल निदेशक की अध्यक्षता में गठित की कमेटी को सौंपी गई है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की ओर से सभी कॉलेजों और इक्डोल प्रशासन को इस संदर्भ में पत्र जारी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि च्वायस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के प्रावधानों में कमेटियों का गठन किया जाना जरूरी है। इसके लिए अलग से एक सेल बनाना होगा।
सेक्शन सात में शिकायत निवारण समिति गठन करना आवश्यक है। छात्र को इसके माध्यम से परिणाम से संबंधित हर तरह की शिकायत दर्ज करवाने का अधिकार होगा। छात्र को प्राचार्य को निर्धारित फॉरमेट पर शिकायत दर्ज करवानी होगी। इसके बाद शिकायत को कॉलेज/इक्डोल शिकायत निवारण समिति के समक्ष रखा जाएगा। शिकायतों पर फैसला लेेने से पूर्व कमेटी छात्र को अपनी बात रखने का मौका देगी। कमेटी का फैसला अंतिम होगा।
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कॉलेजों से अनसुलझे मामले ही आएंगे विवि
कमेटियां अधूरे और रुके परिणाम के मामलों पर सबसे पहले कॉलेज स्तर पर रोलनंबर, विषय कोड, मेजर/माइनर, सीसीए के मामलों को निपटाएगी। अनसुलझे मामलोें को कॉलेज/इक्डोल के माध्यम से सुलझाने को भेज पाएंगे।