न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 16 Jun 2018 11:50 AM IST
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मई का पानी बिल माफ कर जनता को राहत देने की मांग की है। महापौर को लिखे पत्र में कमेटी का कहना है कि मई में शहरवासियों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। ऐसा पहली बार हुआ, जब कई इलाकों में दस से 12 दिन बाद पानी दिया गया।
कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद सुरेंद्र चौहान ने कहा कि निगम पानी के दामों में दस फीसदी की बढ़ोतरी को भी लागू न करे। शिमला में प्रदेश के बाकी शहरों की तुलना में पहले ही सबसे महंगा पानी पिलाया जा रहा है।
पानी का बिल मीटर रीडिंग पर दिया जाना चाहिए। हस्ताक्षर अभियान के दौरान पांच हजार से अधिक लोगों ने भी इसकी मांग की थी लेकिन निगम अभी तक इसे लागू नहीं कर पाया है।