शिमला। महात्मा गांधी नरेगा (राष्ट्रीय ग्रामीण योजना गारंटी अधिनियम) के अंतर्गत ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क मरम्मत योजना’ में सरकार ने संशोधन करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में बनी कच्ची सड़कों को पक्का करने तथा अतिरिक्त सड़कों के निर्माण करने का प्रावधान किया है। इसके अलावा 60 और 40 प्रतिशत अधिमान की प्रणाली को निरस्त करते हुए अब निधि का आवंटन मांग के अनुसार जिले भर में किया जाएगा। सरकार की ओर से जिले के लिए एक करोड़ 93 लाख की राशि जारी कर दी गई है।
मनरेगा के तहत ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क मरम्मत योजना’ में पहले सड़कों के रखरखाव की व्यवस्था थी और निधियों का आवंटन 60 प्रतिशत अधिमान जिले की जनसंख्या तथा 40 प्रतिशत अधिमान जिले के क्षेत्र को देते हुए करने का प्रावधान था। सरकार ने अब योजना में संशोधन करते हुए सड़कों के निर्माण तथा कच्ची सड़कों को पक्का करने के अलावा जिले भर में निधि का आवंटन मांग के अनुसार करने का प्रावधान किया है। जिले में अभी भी ऐसी कई पंचायतें हैं, जहां पर सड़क सुविधा नहीं है। मनरेगा के तहत बनी ऐसी कई सड़के हैं, जो खस्ता हालत में चल रही हैं। ऐसे में इस योजना में संशोधन होने से इन पंचायतों को फायदा पहुंचेगा। मनेरगा में पहले सिर्फ सड़कों के रखरखाव की व्यवस्था करने का प्रावधान था। सरकार ने योजना में संशोधन करते हुए योजना में अब अतिरिक्त सड़कों के निर्माण तथा कच्ची सड़कों को पक्की करने का भी प्रावधान कर दिया है। इस संबंध में संयुक्त सचिव ज्ञान सागर नेगी ने कहा कि पूरे प्रदेश को बीस करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है।
मांग के अनुसार होगा निधि का आवंटन
इससे पहले जिलावार निधियों का आवंटन 60 प्रतिशत अधिमान जिले की जनसंख्या तथा 40 प्रतिशत अधिमान जिले के क्षेत्र को देते हुए करने का प्रावधान था। लेकिन, अब योजना में संशोधन किया गया। इससे निधि का आवंटन मांग के अनुसार जिले में किया जाएगा।