शिमला। अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र द्वारा संचालित की जा रही कार्यशाला में शोधार्थियों और शिक्षकों को अपने शोध में गुणात्मक सुधार लाने के तौर तरीके बताए गए। पांचवें दिन अमृतसर के प्रो. योगेश शर्मा और आचार्य डॉ. योगेश शर्मा ने शोध में आंकड़ों के प्रबंधन और अपने शोध को बेहतरीन तरीके से तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले विशेष सॉफ्टवेयर (एसपीएसएस) के विषय में जानकारी दी। संयोजक डॉ. कुलदीप कटोच ने बताया कि प्रतिभागियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विधि विभाग के डॉ. ललित ढडवाल ने सूचना का अधिकार कानून और सही जानकारी जुटाने के लिए इसके इस्तेमाल के बारे में बताया। कार्यशाला में विवि के सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो. एनएस बिष्ट ने शोध पत्र की तैयारी, इसके लिए पृष्ठभूमि तैयार करने जैसी कई महत्वपूर्ण बातें शोधार्थियों को बताईं। इसमें बताया गया कि शोध के लिए सही विषय का चुनाव अहम होता है। उन्होंने बताया कि यूजीसी, आईसीएसएसआर, आईसीएचआर जैसी कई संस्थाएं उच्च अध्ययन संस्थानों में होने वाले शोध के लिए अनुदान देती हैं।