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Updated Tue, 12 Dec 2017 10:17 PM IST
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शिमला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे के हर मोड़ पर खतरा
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धर्मपुर से परवाणू के बीच कीचड़ से सना है हाईवे, बारिश के बीच मोड़ों पर भूस्खलन की आशंका
सैलानियों और मुसाफिरों को हो रही परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मपुर (सोलन)।
व्हाइट क्रिसमस की आस लेकर शिमला आने वाले पर्यटकों के लिए फोरलेन का अधूरा कार्य बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। बारिश ने शिमला-चंडीगढ़ मार्ग पर धर्मपुर से परवाणू के बीच भूस्खलन का खतरा बढ़ा दिया है। मार्ग पर पड़ी कच्ची मिट्टी भी कई जगह फिसलन का काम कर रही है। बरसात के समय पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहने के बाद निर्माता कंपनी ने पहाड़ से सटी एक लेन को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया था। लेकिन पत्थरों के गिरने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। फोरलेन के लिए इन पहाड़ों को सीधी ढलान में काट दिया गया है।
कई फीट ऊंची पहाड़ी से भूस्खलन को रोकने के लिए महज चार से सात फीट तक के डंगे लगाए गए हैं। जो लगातार मलबा गिरने की वजह से कई जगह बिल्कुल दफन हो चुके हैं। बरसात के दौरान भारी भूस्खलन की वजह से मार्ग कई बार बाधित हो चुका है और पर्यटकों को लंबे जाम में फंसना पड़ा था। अब एक बार फिर मौसम खराब होने के साथ ही पर्यटक सीजन में यह मुसीबत मुंह उठाने लगी है। क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए शिमला पहुंचने वाले पर्यटकों की आमद में आने वाले दिनों में बढ़ोत्तरी होना तय है। लेकिन उस समय भूस्खलन हुआ और पर्यटक जाम में फंसे तो इसका नुकसान पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को उठाना पड़ सकता है।
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पिछले 48 घंटों से जारी हल्की बारिश की वजह से मार्ग पर कई जगह कीचड़ फैल गया है जबकि छिटपुट तौर पर मलबा और पत्थर गिरने शुरू हो गए हैं।

फोरलेन निर्माता कंपनी के प्रभारी देवाशीष पात्रा ने कहा कि कंपनी ने मार्ग को खुला रखने के उचित प्रबंध किए हैं। कंपनी की भारी मशीनरी मार्ग पर तैनात की गई है जैसे ही मलबा गिरता है उसे हटाने का काम शुरू कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों के लिए कंपनी और पुख्ता इंतजाम करेगी।
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