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ठीक नहीं हुई खटारा मशीन, निजी लैबों में लुट रहे मरीज

Updated Wed, 31 Jan 2018 09:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में खटारा सीटी स्कैन मशीन दूसरे दिन भी ठीक नहीं हो सकी है। इससे मरीजों का मर्ज दूसरे दिन भी बढ़ता रहा। रेडियोलॉजी विभाग ने मशीन को ठीक करवाने का जिम्मा इंजीनियरों को दे दिया है। विभाग के चिकित्सक पल्ला झाड़ता हुए कह रहे कि मशीन की मरम्मत इंजीनियर करेंगे। यह कब ठीक होगी, इंजीनियर ही बता सकते हैं।
सोमवार के बाद मंगलवार को भी अस्पताल में सीटी स्कैन करवाने के लिए मरीज आते रहे। यहां हर रोज 60 से 70 सीटी स्कैन होते हैं। यहां टेस्ट न होने के कारण मरीज निजी लैबों में लुट रहे हैं। अस्पताल में सीटी स्कैन मुफ्त में होता है। निजी लैब में सीटी स्कैन....... होता है। इससे गरीब मरीज की जेब खाली हो रही है।
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करोड़ों रुपये की लागत से मरीजों के टेस्ट के लिए मशीन खरीदी गई है। इंजीनियर ही मशीन में लगने वाले पार्ट को मंगवा रहे हैं। मंगलवार को महकमे से इस बारे में बात करनी चाही तो डॉक्टर ने कहा कि इंजीनियर ही इस पूरे मामले को देख रहे है। ऐसे में यह नहीं बताया जा सकता कि आखिर कब तक मशीन ठीक होगी। आईजीएमसी रेडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव सूद ने बताया कि मशीन में लगने वाले पार्ट को मंगवाया गया है। लेकिन इसे आने में थोड़ा समय लगेगा। इसलिए तब तक मरीजों के टेस्ट नहीं हो पाएंगे।
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डीडीयू ले जाना पड़ा घायल
सफर के दौरान छोटा शिमला के समीप एक व्यक्ति बस से गिर गया। हल्की चोटें लगी। व्यक्ति इलाज के लिए अस्पताल आया। मशीन खराब होने के कारण उसे डीडीयू अस्पताल में सीटी स्कैन करवाने के लिए जाना पड़ा। कई ऐसे मरीज हैं जो इमरजेंसी में टेस्ट करवाने के लिए डीडीयू की ओर रुख कर गए।
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