राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते डीओ नोट के आधार पर जारी तबादला आदेश को प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने रद्द कर दिया है। ट्रिब्यूनल अध्यक्ष न्यायाधीश वीके शर्मा और प्रशासनिक सदस्य प्रेम कुमार की खंडपीठ ने ओम चंद द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि 18 अप्रैल 2016 को जारी तबादला आदेश वास्तव में कांगड़ा सेंट्रल कोआपरेटिव बैंक के उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह
पठानिया के डीओ नोट के आधार पर किया गया था, जो जन प्रतिनिधि के दायरे में भी नहीं आता है। हाईकोर्ट द्वारा संजय कुमार के मामले में सुनाए गए निर्णय के विपरीत तबादला आदेशों को पाते हुए ट्रिब्यूनल ने तबादला आदेश रद्द कर दिया। याचिका में दिए
तथ्यों के अनुसार प्रार्थी जो टीजीटी नॉन मेडिकल के पद पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चकमोह जिला हमीरपुर में कार्य कर रहा था। उसे 18 अप्रैल 2016 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जामनी जिला मंडी के लिए स्थानांतरित किया गया। ट्रिब्यूनल ने तबादला आदेश को कानून के विपरीत पाया और यह फैसला सुनाया।