हिमाचल में अवैध भवन मालिक एक हजार रुपये के साथ अपने भवनों को नियमित कराने के लिए टीसीपी कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। टीसीपी संशोधन विधेयक की अधिसूचना जारी होने के बाद अब 60 दिन तक आवेदन लिए जाएंगे।
आवेदकों को विभाग की ओर से एक स्लिप दी जाएगी, जिसमें अवैध भवन को नियमित कराने का पूरा ब्योरा दिया जाएगा। बता दें कि भवनों की डेबिएशन का पैसा लोगों से अलग लिया जाएगा। हिमाचल में करीब 30 हजार अवैध भवन हैं।
इनमें से कुछ लोगों ने अतिरिक्त मंजिलें बढ़ा दी हैं जबकि कइयों ने सेट बैक में अतिक्रमण किया है। पार्किंग की जगह कमरे बना लिए हैं तो बेसमेंट खोलकर दुकानें चलाई जा रही हैं। अवैध भवनों को नियमित कराने के लिए लाखों रुपये फीस चुकानी होगी।
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टीसीपी अधिकारी बताते हैं कि जिन लोगों ने सेट बैक नहीं छोड़े, छज्जा बढ़ाने के साथ पांच मंजिलें बना दी हैं, उन्हें भवन नियमित कराने के लिए करीब चार लाख रुपये देने होंगे।
यहां जानिए, कितनी लगेगी फीस?
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि राजभवन से टीसीपी संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। अवैध भवन मालिकों को 60 दिन के भीतर टीसीपी कार्यालय में आवेदन करना होगा।
इतनी लगेगी फीस
भवन मालिकों से प्रति वर्ग मीटर 400 से 1200 रुपये लिए जाएंगे। नगर निगम व निकायों के दायरे में 800 रुपये, टीसीपी में 400 रुपये प्रति वर्ग मीटर फीस ली जाएगी। नगर निगम और निकायों में जिन लोगों ने नक्शे से बाहर अवैध निर्माण किया है, उनसे 1200 रुपये और टीसीपी के दायरे में 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर फीस ली जाएगी।