दसवीं और जमा दो की बोर्ड परीक्षाओं में टॉपर का तमगा हासिल करने वाले छात्रों को सरकार की तरफ से मिलने वाले मुफ्त लैपटॉप के लिए इंतजार करना होगा। इन लैपटॉप के स्क्रीन के पीछे कवर और ओपनिंग विंडो के कांग्रेस सरकार के लोगो के साथ पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का फोटो मैसेज के साथ आ रहा है। लिहाजा छात्रों को लैपटॉप वितरण में पेंच फंस बताया जा रहा है।
पहले आचार संहिता तो अब सरकार का बदलना इंतजार बढ़ा रहा है। मंडी जिला की बात की जाए तो यहां 1460 टॉपर को सरकार की तरफ से फ्री लैपटॉप मुहैया करवाए जाने थे। आचार संहिता से पहले 300 के करीब लैपटॉप विद्यार्थियों को मुहैया हो सके हैं। 1160 को शिक्षा विभाग लैपटॉप मुहैया नहीं करवा सका है।
बीते दिन भी कई विद्यार्थी इस मामले को लेकर डीसी मंडी तक पहुंचे। लेकिन उनके वहां न होने से विद्यार्थियों को लौटना पड़ा। अब तो स्कूलों से भी विद्यार्थी बैरंग लौट रहे हैं। वहीं प्रदेश भर में ऐसे सैकड़ों विद्यार्थियों के लैपटॉप इसी फेर में फंसने की सूचना है। उधर, डीसी मंडी ने कहा कि मेधावियों को लैपटॉप न मिलने की सूचना मिली है। संबंधित विभाग से इस संदर्भ में संपर्क साधा जाएगा।
सरकाघाट में बैरंग लौट रहे टॉपर
सरकाघाट (मंडी)। क्षेत्र के टॉपर को लैपटाप नहीं मिल सके हैं। इसे लेकर विद्यर्थियों के अभिभावकों में मलाल है। अभिभावकों में समाज सेवी अजय भवानी, प्रेम सिंह, भीम सिंह, रामलाल, श्याम सिंह, अशोक कुमार, चमनलाल, कुलदीप सिंह, राकेश कुमार, सुरेश कुमार, जीवन लाल, सतीश कुमार, तेज नाथ शर्मा, ज्ञानचंद, राजकुमार आदि का कहना है कि छात्रों को सितंबर से लेकर अक्तूबर माह तक
लैपटॉप संबंधित जिलों के उपनिदेशक के माध्यम से बांटे जाते थे। लेकिन इस बार प्रदेश में विधानसभा चुनावों के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने से इनको नहीं बांटा गया है। अब आचार संहिता हटने के बावजूद भी लैपटॉप नहीं बंट रहे हैं। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को बिना लैपटॉप के बैरंग लौटना पड़ रहा है।
उच्च शिक्षा निदेशक बीएल बिंटा ने बताया है कि बच्चों को लैपटॉप देने से पहले उनकी जांच की जाती है। मंडी में अभी जांच का काम पूरा नहीं हुआ है। कंपनी को जल्द से जल्द लैपटॉप चेक करने को कहा है। एक-एक लैपटॉप चलाकर जांचा जाता है। इसके लिए यह व्यवस्था की गई है। जल्द ही लैपटॉप वितरित किए जाएंगे। कांग्रेस सरकार का मैसेज और फोटो के मामले पर भी सरकार से राय ली जाएगी।