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Shimla: चंद्र कुमार बोले- बाप का जूता बेटे के पांव में आए तो अलग हो जाती है उसकी लाइन

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 06 Jun 2026 04:38 PM IST

सार

 नीरज भारती के हालिया बयान पर कहा कि उनकी ओर से दिया गया बयान सही संदेश नहीं देता और इससे पार्टी तथा सरकार की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। 
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कृषि मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने अपने बेटे पूर्व सीपीएस नीरज भारती के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब बाप का जूता बेटे के पांव में आए तो उसकी लाइन और सोच थोड़ी अलग हो जाती है। उन्होंने कहा कि भारती का बयान पार्टी और सरकार की छवि पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। चंद्र कुमार ने सार्वजनिक मंचों पर ऐसी बातें उठाने को अनुचित बताया और कहा कि पार्टी ऐसे आरोपों को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कि अटैचियां देने वाले आरोप भी सरासर निराधार हैं। भारती को बगैर तथ्यों के बात नहीं करनी चाहिए। चंद्र ने कहा कि नीरज भारती को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह फैसला जल्दबाजी या भावनाओं में लिया गया होगा। मंत्री ने यह भी कहा कि पार्टी को इस्तीफा तुरंत स्वीकार करने के बजाय नीरज भारती से चर्चा करनी चाहिए थी।

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पार्टी मंच पर उठाया जाना चाहिए मामला

शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक से पहले प्रेस वार्ता में चंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के आरोपों से पार्टी और सरकार दोनों पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। मंत्री ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मर्यादा और संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई नाराजगी या शिकायत थी, तो उसे पार्टी के आंतरिक मंच पर उठाना चाहिए था।

भारती पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके

भारती पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्हें मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व के साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन के आधार पर चलती है और संगठन में अनुशासन बनाए रखना सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। सार्वजनिक रूप से सरकार के खिलाफ बातें करना पार्टी हित में नहीं है। युवा नेताओं में कई बार भावनाओं में फैसले लेने की स्थिति बन जाती है। नौजवानों को गुस्सा आ जाता है। नौजवानों को गुस्सा आ जाता है।

 चंद्र ने कहा कि पार्टी के भीतर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उनका समाधान बातचीत से होता है। भारती लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और दो बार विधायक भी रह चुके हैं। वे राजनीतिक कार्यप्रणाली और संगठनात्मक मर्यादाओं को अच्छी तरह समझते हैं। पार्टी बातचीत के जरिये सभी मुद्दों का समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
 
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