शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक से पहले प्रेस वार्ता में चंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के आरोपों से पार्टी और सरकार दोनों पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। मंत्री ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मर्यादा और संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई नाराजगी या शिकायत थी, तो उसे पार्टी के आंतरिक मंच पर उठाना चाहिए था।
भारती पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्हें मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व के साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन के आधार पर चलती है और संगठन में अनुशासन बनाए रखना सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। सार्वजनिक रूप से सरकार के खिलाफ बातें करना पार्टी हित में नहीं है। युवा नेताओं में कई बार भावनाओं में फैसले लेने की स्थिति बन जाती है। नौजवानों को गुस्सा आ जाता है। नौजवानों को गुस्सा आ जाता है।
चंद्र ने कहा कि पार्टी के भीतर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उनका समाधान बातचीत से होता है। भारती लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और दो बार विधायक भी रह चुके हैं। वे राजनीतिक कार्यप्रणाली और संगठनात्मक मर्यादाओं को अच्छी तरह समझते हैं। पार्टी बातचीत के जरिये सभी मुद्दों का समाधान निकालने का प्रयास करेगी।