चंबा जिले के बरौर विद्यालय में दस जमा दो की परीक्षा देकर घर लौट रही छात्रा के अपहरण का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार छात्रा सोमवार को परीक्षा देकर स्कूल गेट पर पहुंची तो वहां लोगों ने उसे जबरन कार में बैठा लिया और मौके से फरार हो गए। छात्रा के साथ परीक्षा देकर निकली अन्य छात्राओं ने इसकी सूचना उसके परिजनों को दी।
इसके बाद परिजनों ने छात्रा की तलाश शुरू की, लेकिन उन्हें कोई कामयाबी नहीं मिल पाई। इसके बाद देर रात छात्रा के परिजनों ने चाइल्ड लाइन संस्था से संपर्क साधा और उनकी बेटी को ढूंढने की गुहार लगाई। चाइल्ड लाइन संस्था के संयोजक कपिल कुमार और अपहृत छात्रा के पिता बुधवार सुबह सदर थाना चंबा पहुंच गए, लेकिन यहां आधे दिन तक बैठने के बावजूद उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
चाइल्ड लाइन संस्था के संयोजक कपिल कुमार ने बताया कि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और छात्रा के पिता पर समझौते के लिए भी दबाव बनाया गया। छात्रा के पिता ने पुलिस के सामने बताया कि उसकी बेटी के लिए एक युवक का रिश्ता आया था, लेकिन उन्होंने उसके साथ बेटी की शादी से इंकार कर दिया था।
उन्हें शक है कि उसकी बेटी को युवक जबरन अपने साथ ले गया है। बेटी के पिता ने पुलिस को बताया कि वह एक बार अपनी बेटी से मिलना चाहता है यदि वह अपनी मर्जी से भी गई होगी तो भी वह यह बात उसके मुंह से सुनना चाहता है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस हरकत में नहीं आई और प्राथमिकी वीरवार को दर्ज करने की बात कहकर चाइल्ड लाइन संस्था के संयोजक और लड़की के पिता दोनों को बैरंग लौटा दिया गया।
पुलिस ने नहीं दिखाई दिलचस्पी- चाइल्ड लाइन संस्था के संयोजक कपिल कुमार ने बताया कि मामला काफी संगीन है। छात्रा के अपहरण से जुड़े इस मामले में उसकी जिंदगी खराब हो सकती है। यदि एक पिता अपनी बेटी से मिलना चाहता है तो इसमें पुलिस को क्या ऐतराज हो सकता है। पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर उसकी बेटी को खोजना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने मामले में देरी कर दी।
मैंने ही दी थी थाने जाने की सलाह- डीएसपी वीर बहादुर का कहना है कि चाइल्ड लाइन संस्था की ओर से उन्हें फोन आया था। इसके बाद उन्होंने इस मामले में सदर थाना जाकर प्राथमिकी दर्ज करवाने की सलाह संस्था के संयोजक को दी थी। यदि उनकी फरियाद नहीं सुनी गई है तो मामले की जांच की जाएगी। वे सदर थाना में मामले के संदर्भ में पूछताछ करेंगे।