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पोर्ट ब्लेयर दौरे से हटे पार्षद, बोले-पहले पानी के रेट घटाओ

शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Sep 2019 10:30 PM IST
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शिमला। शहर में पेयजल दरें घटाने की मांग कर रहे पार्षदों ने नगर निगम के पोर्ट ब्लेयर दौरे का बहिष्कार कर दिया है। कांग्रेस के अलावा भाजपा पार्षदों ने 20 सितंबर से हो रहे इस दौरे से नाम वापस ले लिया है।
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उपमहापौर राकेश शर्मा भी दौरे पर नहीं जाएंगे। वीरवार को हुई कंपनी की निदेशक मंडल की बैठक में पेयजल दरें घटाने और मर्ज एरिया में घरेलू कनेक्शन देने पर फैसला न होने से पार्षद नाराज हैं। कांग्रेस पार्षद राकेश चौहान और दिवाकर शर्मा ने कहा कि मेयर-डिप्टी मेयर जनता के मुद्दों को उठाने में नाकाम हो गए हैं। अब हम खुद इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाएंगे। पार्षदों की सरकार के साथ बैठक बुलाई जाए। राकेश चौहान ने कहा कि हजारों लोगों को 50 हजार से लेकर एक लाख तक के बिल आए हैं। इससे सस्ता तो मिनरल वाटर मिलेगा। कहा कि मेयर-डिप्टी मेयर जनता के साथ अब पार्षदों को भी धोखे में रख रहे हैं। मर्ज एरिया में पहले बन चुके सैकड़ों मकान भला अब कैसे निगम के नियमों को लागू करेंगे। इन्हें राहत मिलनी चाहिए।
भाजपा पार्षद नाराज, बोले-दौरे जरूरी नहीं
भाजपा पार्षद शैलेंद्र चौहान ने कहा कि सात साल से वह मर्ज एरिया के लोगों की आवाज उठा रहे हैं। लेकिन इन्हें राहत दिलाने की बजाय निगम दौरे प्लान कर रहा है। कहा कि दौरे बाद में कर लेंगे, पहले जनता को राहत दिलाएंगे। शैलेंद्र के अलावा भाजपा पार्षद अर्चना धवन, कमलेश मेहता, आशा शर्मा, रेनु चौहान, पूरनमल, ने भी दौरे से नाम वापस ले लिया है। कांग्रेस पार्षद राकेश चौहान, दिवाकर शर्मा, कुसुमलता ठाकुर, सिमी नंदा, रीता ठाकुर, रचना, माकपा पार्षद शैली शर्मा ने नाम वापस ले लिया है। इन पार्षदों के हटने के बाद अब मेयर कुसुम सदरेट, आरती चौहान के अलावा करीब आधा दर्जन पार्षद ही दौरे पर जाने वालों की सूची में बचे हैं। इनमें से कुछ पार्षद अब बाकी पार्षदों को फोन कर दौरे के लिए तैयार कर रहे हैं।
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पहले शहर जरूरी : शर्मा
उपमहापौर राकेश शर्मा ने कहा कि मेरे लिए शहर जरूरी है। दौरे तो बाद में भी कर लेंगे। अभी लोगों को भारी भरकम बिल दिए गए हैं, उनसे राहत दिलाने के लिए 25 की बैठक में भाग लेंगे।
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