प्रदेश कर्मचारी परिसंघ ने जनजातीय क्षेत्रों में नियुक्त कर्मचारी वर्ग को मिलने वाले अग्रिम वेतन को बंद करने के फैसले का विरोध किया है। परिसंघ ने जनजातीय क्षेत्रों में नियुक्त कर्मचारी वर्ग को शीतकालीन अवधि में अग्रिम तौर पर मिलने वाले चार माह के वेतन वाली व्यवस्था को बंद करने की कार्यवाही को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
परिसंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा है कि सरकार का यह कदम जहां इन क्षेत्रों में तैनात कर्मचारी वर्ग के साथ अन्याय वाला है, वहीं यह जनजातीय एवं कठिन भौगोलिक क्षेत्रों के विकास को अवरुद्ध करेगा।
उन्होंने कहा है कि ई-वेतन प्रणाली के लागू होने और प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति तथा वित्तीय घाटे के कारण सरकार इस स्थिति में नहीं है कि जनजातीय क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को शीतकालीन महीनों के दौरान चार माह के वेतन का अग्रिम भुगतान किया जाए।
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परिसंघ ने कहा है कि कांग्रेस सरकार ने पिछले पांच वर्षों में जो कर्मचारी विरोधी फैसले लिए हैं, उसमें से यह फैसला सरकार का ऐतिहासिक कर्मचारी विरोधी फैसला है।
बिलासपुर में मिनिस्ट्रीयल सर्विस एसोसिएशन की बैठक
जिला मुख्यालय स्थित सरवरी होटल में एचपीएसईबी मिनिस्ट्रीयल सर्विस एसोसिएशन की बैठक प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण सिंह जम्वाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। 14 दिसंबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक बिलासपुर के होटल आकाश गंगा में करने का फैसला लिया गया।
जम्वाल ने बताया कि इस दौरान कर्मचारियों के हितों के बारे में समीक्षा और प्रदेशभर से आए हुए पदाधिकारियों के अनुसार कई विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से बैठक में भाग लेने का आग्रह किया है।
इस दौरान भामसं के प्रदेश सचिव सरला शर्मा, एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष देवी सिंह, नोता राम, ओंकार नाथ, चरन दास, कुलभूषण, देवी सिंह, पुष्पा, मंजू्, संतोष, हीरा सिंह, वनिता, महिंद्र, रोशन व अन्य मौजूद रहे।