चिट में कई का नाम निकला तो आवंटित होने वाले आवेदक ने पांच प्रतिशत की सिक्योरिटी मनी तक जमा कर दी, लेकिन विभाग ने राजस्व घाटे की आशंका को देखते हुए आवंटित हो चुके ठेकों को निरस्त कर दिया। खास बात यह है कि चिट से आवंटन की प्रक्रिया को निरस्त करने के बावजूद विभाग ने किसी भी आवेदक को आवेदन की फीस वापस नहीं की।
वहीं, दोबारा आवेदन मंगाकर फिर से शराब ठेके आवंटित कर दिए। अब पहले आवंटित होने के बाद बिना बताए ही आवंटन निरस्त होने के बाद विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
इस संबंध में आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रधान सचिव जगदीश चंद शर्मा से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सके। ठेके आवंटित होने के बावजूद निरस्त होने से नाराज आवेदकों ने विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से न्याय की गुहार लगाई है।