उन्होंने कहा, लोगों से पूछा जाना चाहिए कि उन्हें किस-किस तरह की दालें पसंद हैं। इसके लिए डिपोवार भी जानकारी ली जा सकती है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि फील्ड में जाकर उचित मूल्यों की दुकानों का नियमित निरीक्षण करें।
आटा, दाल, चावल और अन्य खाद्यान्न के जगह-जगह से सैंपल लेकर तुरंत इनकी रिपोर्टिंग तय करें। उन्होंने कहा कि सैंपलों की रिपोर्ट जल्द प्राप्त की जाए। जरूरी हो तो इसके लिए पड़ोसी राज्यों की प्रयोगशालाओं में जाएं।
भरे गए सैंपलों की लीकेज दुर्भाग्यपूर्ण है और इनकी निगरानी उच्च स्तर पर की जानी चाहिए। इसकी गोपनीयता को बनाए रखना जरूरी है। कपूर ने कहा कि अधिकारियों को अगले 100 दिनों में शत-प्रतिशत राशन कार्डों को आधार से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में खाद्यान्न भंडारणों के निर्माण का मामला केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।