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मानवीय परिंदों से गुलजार हुई कांगड़ा की बिलिंग घाटी

राजकुमार सूद/ अमर उजाला, बैजनाथ (कांगड़ा) Updated Sun, 30 Mar 2014 11:46 PM IST
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मानवीय परिंदों के साहसिक खेल पैराग्लाइडिंग के लिए अफ्रीका के बाद दूसरे स्थान पर आने वाली बिलिंग घाटी में मौसम अनुकूल होते ही देशी विदेशी मानवीय परिंदों की अठखेलियां शुरू हो गई हैं।
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रविवार को करीब दो दर्जन पायलटों ने बिलिंग के नीले आकाश में उड़ानाें का आनंद लिया। इस समय ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड, कनाडा और यूएसए आदि देशों के दो दर्जन पायलट स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेने के बाद फ्री फ्लायर के तौर पर उड़ान भर रहे हैं।

अगले कुछ दिनों में विदेशी मेहमानों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। इस बार मौसम की बेरुखी के कारण हालांकि पायलटों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा और उड़ानों का सिलसिला नियमित तौर पर जारी नहीं रह सका है।
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सर्दियों के मुकाबले यह सीजन कम समय तक जारी रहता है। उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल माह के अंत तक विदेशी मेहमानों के आने का क्रम जारी रहेगा।

बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के निदेशक अनुराग शर्मा का कहना है कि भविष्य में पायलटों के लिए और अधिक सुविधाएं जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत लैंडिंग साइट को ग्रासी बनाया जा रहा है।

क्या है अनुमति के लिए प्रावधान

किसी भी पायलट को फ्री फ्लायर के तौर पर उड़ान भरने के लिए अपने समस्त दस्तावेजों को स्थानीय प्रशासन के समक्ष तय फीस सहित जमा करवाना अनिवार्य होता है।

किसी भी प्रकार की दुर्घटना के समय सुरक्षा की जिम्मेदारी पायलट की इंश्योरेंस कंपनी की होती है।

बिलिंग के खुले आकाश में पायलट लंबी दूरी तक की उड़ानाें को भर सकता है, लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते अधिकांश पायलट लंबी दूरी की उड़ानों से परहेज करते हैं।
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