आए दिन हो रही बारिश और बर्फबारी से प्रदेश में औसत से काफी कम तापमान चल रहा है। इससे न सिर्फ गेंहूं की फसल को नुकसान हो रहा है बल्कि कई बेमौसमी सब्जियों की बीजाई में भी देरी हो रही है।
मौसम विज्ञानियों की मानें तो पिछले कुछ महीनों से बार बार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ से मौसम बिगड़ रहा है। यही वजह है कि तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से भी कम चल रहा है।
विज्ञापन
एचपी यूनिवर्सिटी के भूगोल प्रोफेसर डीडी शर्मा के अनुसार जब तक विक्षोभ सक्रिय रहेंगे तब तक प्रदेश में बारिश और बर्फबारी जारी रहेगी।
20 तक भी नहीं पहुंच पा रहा पारा
मौसम विज्ञानियों की मानें तो अप्रैल महीने में शिमला का औसतन अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। लेकिन इस बार यह 15 के आसपास चल रहा है।
यहां वर्ष 2002 से लेकर 2013 तक अप्रैल महीने में अधिकतम तापमान 25 से 27 डिग्री के बीच रहा है। मगर इस बार यह 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है।
आने वाले दिनों में भी मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए तापमान बढ़ने की कम ही संभावना है। मौसम विभाग के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह का कहना है कि गर्मियां शुरू हो चुकी है लेकिन पश्चिमी विक्षोभों चलते तापमान नहीं बढ़ पा रहा है।
उन्होंने बताया कि मौसम के इस मिजाज को देखते हुए यह बताना मुश्किल है कि कब प्रदेश में गर्मी का मौसम आएगा।
प्रदेश में फिर से बारिश और बर्फबारी के आसार
राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकतर इलाकों में फिर से बारिश और बर्फबारी के आसार बन गए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि उतरी पश्चिमी हिमालय में फिर से विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे छह अप्रैल के बाद निचले मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना बन गई है।
वहीं, विभाग का अनुमान है कि ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात हो सकता है। विभाग के अनुसार नौ अप्रैल तक प्रदेश में हल्की बर्फबारी और बारिश जारी रह सकती है।