एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

ऐसे होगी मोबाइल पर इंटरनेट की धीमी स्पीड बेहतर!

अमर उजाला, नई दिल्ली/टीम डिजिटल Updated Wed, 23 Apr 2014 03:06 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

मोबाइल पर इंटरनेट की धीमी स्पीड से तो आप अच्छी तरह वाकिफ होंगे। अगर आप मोबाइल पर इंटरनेट की स्पीड धीमी होने से परेशान हैं तो जल्द ही इससे छुटकारा मिल सकता है।
और पढ़ें
विज्ञापन
विज्ञापन


भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) जल्द ही वायरलैस डेटा सर्विस में न्यूनतम डाउनलोड स्पीड तय कर सकता है जिसके आधार पर दूरसंचार कंपनियों को वायरलेस डेटा सर्विस देनी होंगी।

ट्राई का कहना है कि ट्राई को उपभोक्ताओं की ओर से डाउनलोड की धीमी स्पीड को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं। मामले को देखने के बाद प्राधिकरण यह महसूस करता है कि अब वायरलेस डेटा सर्विस के लिए ‘न्यूनतम डाउनलोड स्पीड’ की बाध्यता होनी चाहिए।
विज्ञापन

घटने लगे स्मार्टफोन के दाम, सैमसंग ने 11 दिन में कम की कीमतफिलहाल अभी तक दूरसंचार कंपनियों पर वायरलेस सेवा के लिए कोई न्यूनतम स्पीड की बाध्यता नहीं है।

3जी कंपनियां मोबाइल इंटरनेट स्पीड 7.1 मेगाबिट प्रति सेकेंड (एमबीपीएस) से 21 एमबीपीएस के दायरे में देने का वादा करती है। 7.1 एमबीपीएस स्पीड पर एक एक मोबाइल ग्राहक को पूरी फिल्म डाउनलोड करने में करीब 12-14 मिनट का समय लगता है।
माइक्रोमैक्स ने उतारा नया कैनवस, कम कीमत में बड़ी स्क्रीनलेकिन फिल्म के आकार का फाइल डाउनलोड करने में करीब 40 मिनट का समय लगता है।

कंपनियों ने ट्राई को जो न्यूनतम स्पीड के बारे में जानकारी दी है, वह 399 केबीपीएस (न्यूनतम ब्राडबैंड स्पीड 512 केबीपीएस) से 2.48 एमबीपीएस है।
मोटोरोला का एक और धमाल, किफायती मोटो ईभारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने पाया है कि एक कंपनी द्वारा जो न्यूनतम स्पीड दी जा रही है, वह ब्राडबैंड कहे जाने लायक नहीं है। वायरलेस डेटा सर्विस में मोबाइल इंटरनेट और ब्राडबैंड सर्विस जैसे 2जी और 3जी हैं जो डोंगल के जरिए सर्विस देने का काम करती हैं।

नियामक का मानना है कि 3जी और सीडीएमए ईवीडीओ सेवा के लिए कम से कम डाउनलोड स्पीड 95 प्रतिशत सफलता दर के साथ 1 एमबीपीएस होनी चाहिए। जीएसएम और सीडीएमए 2जी के मामले में न्यूनतम गति 56 केबीपीएस (किलोबिट प्रति सेकेंड) और सीडीएमए हाई स्पीड डेटा के लिए 512 केबीपीएस होनी चाहिए।

ट्राई ने इस बारे में लोगों से 5 मई तक राय मांगी हैं। इस बारे में प्रतिक्रिया 12 मई तक दी जा सकती है।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें