मैनपुरी। परिषदीय विद्यालयों को अब आप कॉन्वेंट स्कूल से कम समझने की गलती मत करना। परिषदीय विद्यालयों में अब भी स्मार्ट क्लास से पढ़ाई जा रही है। नए साल में सैकड़ों विद्यालयों में ये व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जिले में 2186 परिषदीय विद्यालय हैं। कभी बदहाली के लिए मशहूर इन विद्यालयों की तस्वीर अब बिल्कुल बदल गई है। कंपोजिट ग्रांट से जहां स्कूलों में मरम्मत का कार्य कराया गया है तो वहीं शिक्षक स्वप्रेरणा से अब शैक्षिक स्तर को भी बदलने में जुट गए है।
इसके तहत अब तक जिले के 50 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का संचालन शुरू हो गया है। इसके लिए शिक्षकों ने अपने खर्च से प्रोजेक्टर व अन्य व्यवस्थाएं की हैं। चाहे भोगांव का प्राथमिक विद्यालय रजवाना हो या फिर घिरोर का प्राथमिक विद्यालय नाहिली सबकी आज अपनी अलग पहचान बन चुकी है। अब इन विद्यालयों से प्रेरणा लेकर अन्य विद्यालयों ने भी पहल शुरू की है। इसके तहत दो सौ से अधिक शिक्षकों ने जल्द ही स्मार्ट क्लास का संचालन शुरू करने के लिए सहमति जताई है। बेसिक शिक्षा विभाग भी ऐसे शिक्षकों की मदद कर रहा है।
बिजली कनेक्शन के लिए भेजी धनराशि
स्मार्ट क्लास के संचालन में बिजली कनेक्शन न होना सबसे बड़ी बाधा थी। अब ये बाधा भी दूर हो गई है। विभाग की ओर से सभी विद्यालयों में बिजली के कनेक्शन करा दिए गए हैं। इससे अब प्रोजेक्टर व अन्य उपकरण आसानी से चल सकेंगे।
शिक्षकों ने स्वयं ही स्मार्ट क्लास की पहल की थी। इसका न कोई बजट है और न ही प्रावधान। ऐसे शिक्षकों को मॉडल बनाकर दूसरे शिक्षकों को भी जागरूक किया जा रहा है। वह दिन दूर नहीं जब सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का संचालन शुरू हो जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए, मैनपुरी।