शहर में भी युवतियां सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन वह छेड़खानी का शिकार होती हैं। अधिकांश घटनाएं पुलिस तक नहीं पहुंच पाती हैं। जो पहुंचती हैं, उनमें भी पुलिस बदनामी का डर दिखाकर पीड़िता को खामोश करा देती है। दिल्ली में हुई दरिंदगी ने पूरे देश को दहला दिया है। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिये लोग सड़कों पर हैं। आंखों में आंसू के साथ आक्रोश भी है। सरकारी तंत्र सवालिया निशान है। अब बयानबाजी नहीं, कार्रवाई चाहिए।
शहर में पिछले दो सालों में मासूम बच्चियों के साथ दरिंदगी की घटनाओं ने लोगों को झकझोर दिया है। न्यू आगरा क्षेत्र में ही दो बच्चियों को दुराचार का शिकार बनाकर हत्या कर दी गई। दोनों घटनाएं अनसुलझी हैं। अछनेरा के कुकथला में तो छह माह की अबोध बच्ची को दुराचारी ने शिकार बनाया।
हाल में हुई घटनाएं
- दो दिन पूर्व एत्माद्दौला के प्रकाश नगर में पड़ोसी युवक ने किशोरी के साथ दुराचार किया। पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की मगर आरोपी अब तक पहुंच से दूर है।
17 दिसंबर: शाहगंज के केदार नगर में झांसी से भटक कर आगरा आई किशोरी के साथ तीन युवकों ने खींचतान की। उसे अगवा करने का प्रयास किया। आसपास के लोगों ने किशोरी को उनके चंगुल से छुड़ाया। किशोरी अब चाइल्ड लाइन में है।
16 दिसंबर: जगदीशपुरा के बोदला में स्कूल जा रही छात्रा को पड़ोसी युवक जबरन उठाकर ले गया। परिजनों को जानकारी हुई तो उन्होंने पड़ोसी के परिवार पर दबाव बनाया। डेढ़ घंटे बाद वह किशोरी को छोड़कर भाग निकला। मामला पुलिस तक पहुंचा मगर दबाव के चलते पीड़िता ने खामोशी ओढ़ ली।
पुलिस के आंकड़े
सन 2011 सन 2012
बलात्कार: 53 39
आरोपियों को फांसी दो
आगरा। वेकअप आगरा ने दिल्ली रेप कांड को लेकर शहीद स्मारक पर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष शिशिर भगत ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से पूरा देश शर्मसार होता है। आरोपियों को फांसी दी जानी चाहिए। डा. शिवानी चतुर्वेदी ने महिला उत्पीड़न के कानूनों को सख्त बनाने की मांग की। डा. परिणीता बंसल, अर्चना पोरवाल, मोनिका अरोड़ा, सुदर्शन दुआ, बबिता गर्ग, कविता रायजादा, ऊषा सक्सेना, सौम्या किशोर, हरवीर सिंह समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।
सपोर्ट इंडिया के अध्यक्ष सुरेशचंद्र सोनी एडवोकेट के नेतृत्व में कार्यकर्ता एसएसपी से मिलने कलक्ट्रेट पहुंचे। संस्था की सपना सिंह व माया बघेल का कहना था कि शराब के ठेके अनुसूचित जाति के मोहल्लों में नहीं खोले जाने चाहिए। जगदीशपुरा में कई ठेके हैं। इन ठेकों के चलते आसपास रहने वाली युवतियों का सड़क पर निकलना मुश्किल है।
आरक्षित शिक्षक सेवा एसोसिएशन की बैठक में दिल्ली रेप कांड को मानवता को शर्मसार करने वाला बताया। बैठक में भीष्मपाल सिंह, रमेश सागर, अरविंद कुमार, राकेश कुमार, कल्पना कुमारी, सुमन कुमारी आदि मौजूद थीं। सखी संगठन दिल्ली रेप कांड के विरोध में गुरुवार को संजय प्लेस पर धरना प्रदर्शन करेगा। महिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में वक्ताओं ने दिल्ली रेप कांड की निंदा की। जिलाध्यक्ष सरोज सिंह ने कहा कि पुलिस को शहर में होने वाले महिला अपराधों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। डा. साहित्यिक संस्था हम लोग ने भी दिल्ली रेप कांड की भर्त्सना की।
दरिंदों को सरेआम फांसी दो
आरोपियों को तुरंत फांसी दी जाए। सख्त कदम उठाए बिना ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। पुलिस तंत्र नाकाम हो चुका है। उस लड़की को जिंदगी भर का नासूर देने वाले कब फांसी पर चढ़ेंगे, हमें जवाब चाहिए। सीमा गोयल, अध्यक्ष शिखर क्लब
क्या कैद हो जाएं
फांसी दे दो उन्हें। बस इतना ही कहना है। पूरा देश चिल्ला रहा है लेकिन यह सरकार अब भी चुप बैठी है। अगर हालात नहीं सुधरे तो लड़कियों को घर में कैद करना होगा।
रजनी अग्रवाल, कमला नगर
इस्तीफा दें जिम्मेदार
बेटियां सुरक्षित नहीं है। ऐसी आजादी को धिक्कार है और प्रजातंत्र - सरकार को भी जो बिल्कुल निकम्मी साबित हो चुकी है। इस शर्मनाक घटना पर सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। आरोपियों को सरेआम मृत्युदंड मिलना चाहिए। शशि प्रभा जैन, संस्थापिका नारी अस्मिता समिति
फेल है पुलिस तंत्र
इस घटना ने मुझे अंदर तक हिला दिया है। हमारी सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। पुलिस से भरोसा उठ गया है। दरिंदे बेखौफ समाज में घूम रहे हैं। ऐसे में हम अपनी बेटियों को बाहर कैसे भेजें। निशा बंसल, रिंग रोड
कालिख है घटना
सरकारी तंत्र नपुंसक हो चुका है। हमें अपनी बेटियों को ही सशक्त बनाना होगा। दिल्ली की यह घटना देश पर कालिख पोतने वाली है। औरत के प्रति इस समाज की सोच कभी नहीं बदल सकती। आभा जैन, अध्यक्ष माधवी अग्र महिला मंडल
हिलाने वाली है घटना
अंदर तक हिल गई हूं। नारी का अस्तित्व आज भी असुरक्षित है। मानवता पशुता तक पहुंच रही है। दायित्वाें का पलायन और जीवन मूल्यों की कमी इसके कारण हैं। नीलम भटनागर, प्राचार्य बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय