बाह। आगरा-इटावा वाया बटेश्वर और भिंड-इटावा रेल लाइनों का निर्माण अधर में लटका हुआ है। आगरा में 11 और इटावा में दो गांवों में भूमि का अधिग्रहण भू राजस्व रिकार्डों मेें त्रुटि के कारण नहीं हो सका है। मामला उठने के बाद अब केंद्र सरकार में मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिख भूमि अधिग्रहण की समस्या का निस्तारण कराने की बात कही है। यूपी के विशेष सचिव ने आगरा-इटावा के डीएम से देरी को लेकर रिपोर्ट तलब की है।
आगरा-इटावा वाया बटेश्वर और भिंड-इटावा रेल लाइन का निर्माण इसी साल पूरा होना था लेकिन आगरा-इटावा वाया बटेश्वर रेल लाइन के लिए बाह के 11 गांवों में भूमि अधिग्रहण का पेच फंसा हुआ है। हालांकि सात गांवों में नई लाइन का काम पूरा हो गया है लेकिन चार गांव बटेश्वर, एमनपुरा, नहरौली, कमतरी के ग्रामीण निर्माण नहीं होने दे रहे। कुल 5.0661 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। दूसरी तरफ भिंड-इटावा रेल लाइन में दो गांवों कामेत व इटावा में 0.91 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना बाकी है। यहां ग्रामीण लाइन नहीं बिछने दे रहे। रेलवे द्वारा यूपी सरकार के समक्ष विभिन्न स्तरों पर मामला उठाने के बाद समस्या का समाधान न होने से नई रेल लाइनोें का निर्माण अधर में लटका हुआ है। तीन जनवरी को विद्युत राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सीएम अखिलेश यादव को लिखे अर्द्धशासकीय पत्र में कहा है कि भू राजस्व रिकार्ड में त्रुटियों के कारण भूमि अधिग्रहण नहीं हो सका है। उन्होंने रेल लाइनों के निर्माण में आ रही समस्या को शीघ्र दूर कराने को कहा है, ताकि रेल लाइन जल्द पूरी हो सके। प्रदेश के सचिव रामचंद्र ने 28 जनवरी को आगरा और इटावा के डीएम को पत्र लिख विलंब पर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
= भू राजस्व रिकार्ड की त्रुटियों को दूर कर नए सिरे से भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव राजस्व परिषद को भिजवाने के निर्देश तहसीलदार को दिए गए हैं। इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
- रामजीलाल, एसडीएम बाह