आगरा। केंद्रीय कारागार में बंद विधायक मुख्तार अंसारी को लखनऊ जेल में भेजने की कवायद शुरू हो गई है। जिला और पुलिस प्रशासन ने उसे लखनऊ जेल में भेजने का आग्रह किया है। इसकी वजह सुनवाई के लिए आगरा से लखनऊ ले जाने के दौरान सुरक्षा को लेकर होने वाली परेशानी और खर्च है। इस पर लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
आगरा केंद्रीय कारागार में पिछले कई महीनों से मुख्तार अंसारी बंद है। उसके अधिकतर मामलों की लखनऊ कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इसकी वजह से उसको हर माह लखनऊ कोर्ट में पेशी के लिए ले जाना होता है। उनको सुरक्षित कोर्ट तक पहुंचाने के लिए हर बार एक क्षेत्राधिकारी, दो एसआई समेत 20 कर्मियों को तैनात किया जाता है। जितने दिन मुख्तार लखनऊ में रहता है, उतने दिन फोर्स भी वहीं रहती है। कभी-कभी फोर्स को 20 दिन तक रुकना पड़ता है। इस सब का लाखों रुपये खर्च होता है। इस सब को ध्यान में रखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन ने कोर्ट से मुख्तार अंसारी को लखनऊ जेल में सिफ्ट करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई करने का अनुरोध भी किया है। इसमें लिखा है कि आगरा जेल में अगर यह सुविधा शुरू हो जाए तो मुख्तार अंसारी को लाने ले जाने पर होने वाले खर्च के साथ सुरक्षा में जाने वाले कर्मियों का उपयोग जिले की लॉ एंड आर्डर को सुधारने में किया जा सकता है। जिला प्रशासन और पुलिस को अब कोट के जवाब का इंतजार है।