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‘गुमनाम’ धरोहरों को भी मिली पहचान

Agra Updated Fri, 12 Jul 2013 05:30 AM IST
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आगरा। पुरातत्व विभाग ने अब जिले की मुख्य ऐतिहासिक धरोहरों के साथ उनके आसपास की ऐतिहासिक इमारतों का भी प्रचार करने का निर्णय लिया है। विभाग ने अपने ब्रोशर में पहली पर उन इमारतों को भी शामिल किया गया है, जो अब तक ‘गुमनाम’ थे। खास बात यह है कि हिन्दी भाषी पर्यटकों की सहूलियत के लिए ब्रोशर को हिंदी में भी बनाया जा रहा है।
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आगरा में आने वाले पर्यटकों के प्लान में अब तक पांच ऐतिहासिक इमारतें ही होती थी। इनके अलावा जिले की अन्य ऐतिहासिक इमारतों के बारे में प्रचार ही नहीं किया जाता था। यहां तक की एएसआई और टूरिज्म विभाग के ब्रोशर में भी आगरा की अन्य एतिहासिक इमारतों की जानकारी नहीं दी गई है। अब पुरातत्व विभाग ने इसकी शुरूआत की है। अब फतेहपुर सीकरी के प्रचार के साथ उनके आसपास क्षेत्रों में स्थित ऐतिहासिक इमारतों को ब्रोशर में शामिल किया गया है। इसके बाद अब ताजमहल, सिकंदरा, आगरा किला, एत्माद्दौला का भी ब्रोशर बनाया जा रहा है।

ब्रोशर में इनको किया शामिल
- भरतपुर की ओर जाने वाली सड़क पर स्थित मुगल कालीन सेतु, इसमें 13 मेहराबदार निकास हैं। इसे तेरह मुहानी या तेरह मोहरी कहते हैं।
- जगनेर किला, रसूलपुर में शेख इब्राहिम का मकबरा, कागारौल में बारा खंभा जैसे ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी।
- ब्रोशर में सभी स्थलों तक पहुंचने के लिए मानचित्र भी है, ताकि पर्यटकों को सहूलियत हो।

कोट
हिंदी में ब्रोशर तैयार किए जा रहे हैं। जिसमें अन्य इमारतों के बारे में भी जानकारी दी गई है। अगले माह तक यह पर्यटकों को उपलब्ध होने लगेंगे।
एनके पाठक, अधीक्षणविद्, पुरातत्व
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