आगरा। उत्तराखंड में त्रासदी ने पर्यटकों का रुख आगरा की ओर कर दिया है। जून की चिलचिलाती गर्मी के बावजूद 4.72 लाख देसी पर्यटक ताज का दीदार करने पहुंचे। जो पिछले छह सालों की सबसे अधिक संख्या रही। वर्ष 2012 से यह संख्या 1.16 लाख अधिक है।
आगरा का पर्यटन व्यवसाय शीतकाल में शुरू होता है। अप्रैल से पर्यटकों की संख्या कम होती जाती है और फिर अगस्त में दोबारा पर्यटकों की संख्या में इजाफा शुरू होता है। जो मार्च तक रहता है। जून में यह स्थिति और भी खराब हो जाती है। भारतीय पुरातत्व विभाग की मानें तो इस बार जून में पर्यटकों की संख्या में खासा इजाफा हुआ। पिछले साल की अपेक्षा इस साल जून माह में 1.16 लाख देसी पर्यटक अधिक थे। वर्ष 2012 में जून में 3,56,161 देसी पर्यटक ताजमहल देखने पहुंचे, जबकि इस साल यह संख्या 4,72,862 पहुंच गई। इसकी वजह उत्तराखंड में आयी त्रासदी माना जा रहा है। त्रासदी के बाद लोगों ने गर्मी होने के बावजूद आगरा का रुख किया। वहीं विदेशी पर्यटकों की संख्या में पिछले साल की अपेक्षा जून में गिरावट आई है। इस बार यह संख्या 22,012 ही रही। जबकि वर्ष 2012 में विदेशी पर्यटकों की संख्या 23429 थी।