फतेहपुर सीकरी। राजस्थान की सीमा से लगे गांव सामरा में बुर्जी-बिटौरे में बुधवार दोपहर अचानक आग लग गई। हवा से आग विकराल हो गईं और तीन बस्तियां चपेट में आ गई। अग्निकांड में लाखों का नुकसान हुआ, जबकि कई पशु मर गए। लगभग ढाई घंटे बाद मौके पर पहुंची राजस्थान और यूपी की दमकलों ने आग पर काबू पाने के प्रयास किए। देर शाम तक आग बुझाने के प्रयास जारी थे।
सामरा गांव के प्रवेश मार्ग के किनारे ही भूसे की बुर्जी और बिटौरे रखे थे। तकरीबन दो बजे बिटौरे में आग लग गई। तेज हवा से लपटें विकराल हो गईं। विद्युतापूर्ति न होने से सबमर्सिबल नहीं चले। लोगों ने आग बुझाने के प्रयास किए। इसी बीच लपटों में वाल्मीकि, जाटव और कुशवाहा बस्ती घिर गई। लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक राना ने आग की भयावहता को देखते हुए डीएम और विद्युत विभाग के अधिकारियों से विद्युतापूर्ति बहाल करने को कहा। लेकिन लाइट नहीं आई। बाद में एसओ अनिल प्रताप सिंह से राजस्थान पुलिस ने मदद मांगी। तकरीबन साढ़े चार बजे यूपी और राजस्थान की सात दमकल पहुंची और आग बुझाने के प्रयास शुरू हुए। एसडीएम रेखा एस चौहान, सीओ अखिलेश भदौरिया, यूपी फायर सर्विस के सीओ भानप्रकाश पांडे समेत कई अधिकारी पहुंच गए। आग से ओमवीर, गुरुवचन, मोहन सेठ झुलस गए, जबकि भागने में विनय चुटैल हो गया। भाजपा के जितेंद्र फौजदार, राकेश सिंह, लालाराम प्रधान, होशियार सिंह, प्रताप सिंह प्रधान ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
इनके घर हुए राख
विजय सिंह, रामेश्वर, भजनलाल, श्याम सिंह, गुड्डू, उत्तम, वीरभान, पप्पू, बबलू बाल्मीकि, हरी सिंह, परसादी, रामबेटी, जयवीर, सतीश, मिट्ठन, फूलवती, हरि सिंह, रामवती, नवल किशोर, जगदीश, रघुनाथ, खरगी, खजान सिंह, नरेश, दरब सिंह, भोजपाल, ताराबाबू, कमल सिंह, बच्चू।
20 जून को शादी, जल गया सामान
फतेहपुर सीकरी। विजय सिंह के बेटे लोकेश की शादी 20 जून को होनी थी। लेकिन अग्निकांड के चलते घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। इससे घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था।