आगरा। रस्सी को सांप बना दें और चाहें तो पहाड़ को राई बना दें। ऐसी है आगरा पुलिस। प्रधानमंत्री कार्यालय से भेजी गई शिकायत की जांच पर पुलिस ने ऐसा पंच मारा कि शिकायतकर्ता ही जांच के शिकंजे में आ गए। मामला ताजमहल पर लपकों, फोटोग्राफरों के दुर्व्यवहार की शिकायत का था, लेकिन सीओ ने लिखकर भेज दिया कि ताज के प्रतिबंधित 500 मीटर दायरे में लपके और फोटोग्राफर पर्यटकों को परेशान नहीं कर रहे।
ताजगंज निवासियों ने ताज पश्चिमी गेट पार्किंग के खेल से लेकर लपकों, अवैध गाइडों, फोटोग्राफरों द्वारा पर्यटकों से दुर्व्यवहार, छीना-झपटी की शिकायतें की थीं। प्रधानमंत्री कार्यालय से शिकायत फारवर्ड होकर एसएसपी के पास पहुंची तो सीओ ताज सुरक्षा तथा एसीएम को जांच का जिम्मा सौंपा गया। चार सूत्रीय शिकायतों पर सीओ ने शिकायतकर्ताओं को ही लपेट लिया। अवैध फोटोग्राफरों की जांच करने की जगह इसे शिकायतकर्ताओं का आपस का झगड़ा बता दिया। यही नहीं, ताजमहल से फोटोग्राफरों के लाइसेंस प्रक्रिया खत्म होने के बाद उनके बढ़ते दुर्व्यवहार की बात पर एक बिंदु के जबाव में तो मान लिया, लेकिन दूसरे सवाल के जवाब में कहा है कि 500 मीटर दायरे में लपके, हॉकर, फोटोग्राफर पर्यटकों को परेशान कर ही नहीं रहे। वह प्रतिबंधित दायरे के बाहर से ही पर्यटकों के साथ आते हैं।