आगरा। जगनेर के खौरपुरा गांव में देवी प्रतिमा के लिए खोदाई के दौरान शुक्रवार शाम एक शिला निकली। ग्रामीणों ने देवी प्रतिमा मानकर इसकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। शिला को वहीं स्थापित कर आरती की गई। नौ बालिकाओं द्वारा देखे गए एक ही सपने के प्रति लोगों में विश्वास और बढ़ गया है।
बता दें, जगनेर के खौरपुरा गांव की नौ बालिकाओं ने पिछले दिनों बताया कि उन्होंने गांव के बाहर पहाड़ी के पास देवी प्रतिमा दबे होने का सपना देखा। इसके बाद सभी नौ बालिकाएं बताई गई जगह पर ‘तप’ पर बैठ गईं। ग्रामीणों ने इन्हें देवी मानते हुए इनकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी। फिर सपने पर यकीन करते हुए 17 जुलाई को खोदाई शुरू हुई। शुक्रवार शाम छह बजे लगभग साढ़े नौ फुट खोदाई के बाद शिला दिखाई दी। इसे देख चौकी पर ‘तप’ पर बैठीं नौ बालिकाएं सिर खेलने (देवी आना) लगीं। थोड़ी और खोदाई के बाद लगभग डेढ़ फुट ऊंची और एक फुट चौड़ी शिला निकली। वहां देवी के जयकारे गूंज उठे। ग्रामीणों ने शिला को ‘शेडदेवी’ की मूर्ति मानकर खोदाई स्थल के पास ही स्थापित कर दिया। चर्चा फैली तो कुछ ही देर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिला की आरती उतारी गई और भोग लगाया गया। सूचना मिलने के बाद एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि देवी स्वरूप बालिकाओं के निर्देश पर वह 15 फीट तक खोदाई करेंगे। इतनी गहराई में काली माता की प्रतिमा दबे होने का दावा किया जा रहा है। खोदाई जारी है।