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तीन साल से नहीं मिली मार्कशीट

Agra Updated Fri, 01 Aug 2014 05:30 AM IST
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आगरा। डा. बीआर अंबेडकर विवि के आवासीय संस्थानों में पिछले तीन सालों की मार्कशीट नहीं आई हैं। जिन पर आरडी और आरडब्ल्यू अंकित है, वह ठीक नहीं हो रही हैं। कई छात्र रोजगार से वंचित रह गए हैं। गुरुवार को भी कुलपति ने आश्वासन से मामला निपटाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र नहीं माने।
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‘प्रमोशन नहीं, तो कर लूंगा आत्महत्या’
पदोन्नति का मसला न सुलझने पर शिक्षक कुलपति सचिवालय के सामने धरने पर बैठ गए हैं। आईबीएस में गणित के शिक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि छह शिक्षकों के प्रमोशन की कार्यवाही 2008 में शुरू हुई थी। यदि पत्र गुम हो गए हैं तो संबंधित को उसके पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रमोशन नहीं दिया गया, तो आत्महत्या कर लूंगा।
विधायक प्रदीप माथुर से नोकझोंक
गुरुवार को मथुरा-वृंदावन के विधायक प्रदीप माथुर भी कार्य परिषद की बैठक में पहुंचे। उन्होंने विवि प्रशासन का पक्ष लेने की कोशिश की, तो छात्र भड़क गए। छात्रों ने उनसे पूछा कि क्या वह उनके भविष्य का हर्जाना देंगे। उनसे नोकझोंक के बाद छात्र नारेबाजी करते रहे।
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बर्दाश्त नहीं करेंगे छात्र समस्या : सांसद
सांसद रामशंकर कठेरिया ने कहा कि सालों से छात्रों को मार्कशीट नहीं मिली है। नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। हर दिन कोई न कोई भ्रष्टाचार पकड़ में आता है। विवि यदि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आंदोलन चलाया जाएगा। दोषी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए।
भ्रष्टाचार पर घिरे कुलपति
बीएड में फर्जीवाड़े के प्रकरण पर कुलपति चौतरफा घिरे हैं। छात्र नेताओं ने उनसे दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग भी की। इधर, चार्टों में हेरफेर के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। छात्रों ने पूछा कि विवि के पास विद्यार्थियों का डाटा नहीं है। यदि ऐजेंसी ने गड़बड़ी की तो क्या होगा। इस पर कोई जवाब नहीं दे सका।
कर्मचारियों का हल्ला बोल
शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के महामंत्री डॉ. वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से ठुकराया जा रहा है। कर्मचारियों के कुछ मुद्दे कार्य परिषद में शामिल होने चाहिए। विभागों की हालत जर्जर है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अनुबंधित शिक्षकों का कार्यकाल तीन साल तक बढ़ाया जाना जरूरी है।
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