अर्द्धरात्रि 1 से 4 बजे तक
सुबह 8.20 से 10.20 तक
दोपहर 2 से 5 बजे तक
मंडल में बिजली सप्लाई
जिला ग्रामीण शहरी
आगरा 14.09 20.7
मैनपुरी 19.18 23.27
फीरोजाबाद 13.42 20.34
मथुरा 10.18 19.19
प्रदेश में कागजी आंकड़े
क्षेत्र आपूर्ति घंटे में
गांव 7.23
जिला 14.10
मंडल 17.35
महानगर 19.45
औद्योगिक 24
अमर उजाला ब्यूरो
आगरा। सत्ता और अफसर चाह लें तो क्या नहीं हो सकता। 24 घंटे बिजली देने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश भले ही आगरा और टीटीजेड क्षेत्र के लिए हो, लेकिन मैनपुरी और फीरोजाबाद पर पूरी सरकार और अफसर ऐसे मेहरबान हैं कि आगरा में आठ घंटे की कटौती लखनऊ से हो रही है तो ऐसे भीषण संकट में भी ये दोनों जिले रोशन हैं। आगरा में तो कागजी आंकड़ों के जरिए बिजली की आपूर्ति और ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर बताई जा रही है।
बुधवार को रात एक बजे पूरे जिले की बिजली गुल हुई जो सुबह 4 बजे तक बनी रही। चार घंटे बाद सुबह 8.20 बजे दो घंटे की कटौती की गई। दोपहर में तीन घंटे बाद दो से शाम पांच बजे तक फिर लखनऊ से कटौती का फरमान लोगों के साथ आगरा के उद्योग-धंधों के लिए मुसीबत बनकर आया। रात को सात से नौ बजे तक टोरंट ने ओवरलोडिंग के नाम पर 33 केवी सबस्टेशनों और 11 केवी फीडरों से कर दी। 10 से 12 घंटों की कटौती के बाद लोग बिलबिला उठे हैं।
मैनपुरी में पूरी, आगरा-मथुरा में आधी बिजली
आगरा। पावर कारपोरेशन ने बिजली आपूर्ति के जो आंकड़े पेश किए हैं, उसमें मंडल में सबसे ज्यादा मैनपुरी में बिजली मिल रही है। मैनपुरी में शहरी इलाकों में 23.27 घंटे तो ग्रामीण इलाकों में 19.18 घंटे तथा तहसीलों में 19.28 घंटे आपूर्ति हो रही है। उसके बाद मंडल में फीरोजाबाद का नंबर है। यहां देहात में तो 13.42, लेकिन शहरी क्षेत्र में 20.32 घंटे बिजली मिल रही है। तीसरे नंबर पर आगरा है, जहां कागजों पर शहर में 20.7 और देहात में 14 घंटे आपूर्ति हो रही है। मथुरा का हाल और भी खराब है।
एसोचैम ने कटौती पर जताया आक्रोश
आगरा। एसोसिएटेड चैंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) आगरा चैप्टर अध्यक्ष विष्णु भगवान अग्रवाल, संयोजक मनीष अग्रवाल और सुरेश चंद्र बंसल ने बिजली कटौती पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पावर कारपोरेशन द्वारा बिजली कटौती का शेड्यूल नहीं बनाया जा रहा है। टोरंट को बाहर से बिजली खरीदनी चाहिए। उद्योगों को कटौती से बेहिसाब नुकसान पहुंच रहा है।
22 को डीएम को सौंपेंगे ज्ञापन
आगरा। शहर कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ नेता अहमद हसन एवं अख्तर अब्बास ने बिजली कटौती पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि रात की कटौती से लोग सो नहीं पा रहे और बच्चे सुबह स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। 22 सितंबर को कटौती के खिलाफ डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा।